Allahabad university teachers recruitment
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में शिक्षक भर्ती के लिए कई बार विज्ञापन जारी हुआ और आवेदन भी लिए गए लेकिन, भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। अब विश्वविद्यालय में स्थायी कुलपति की नियुक्ति के बाद ही शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। ऐसे में जब तक विश्वविद्यालय में नए कुलपति की नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक शिक्षक भर्ती भी फंसी रहेगी।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शिक्षकों के 558 पदों पर भर्ती होनी है। इनमें से 336 पद असिस्टेंट प्रोफेसर, 156 पद एसोसिएट प्रोफेसर और 66 पद प्रोफेसर के हैं। इन पदों पर भर्ती के लिए कई बार विज्ञापन जारी किए गए लेकिन हर दफे किसी न किसी विवाद के कारण भर्ती प्रक्रिया अटक गई।
कभी आरक्षण रोस्टर को लेकर विवाद हुआ तो कभी किसी दूसरी मुद्दे पर फंस गई। पूर्व कुलपति प्रो. आरएल हांगलू के इस्तीफे से कुछ दिनों पहले मंत्रालय ने इविवि में भर्ती पर लगी रोक भी हटा ली थी और लगा कि इस बार भर्ती पूरी होगी लेकिन अचानक प्रो. हांगलू को इस्तीफा देकर यहां से जाना पड़ा और भर्ती फिर फंस गई।
कुछ दिनों पहले केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से इविवि प्रशासन को पत्र जारी कर निर्देश दिए गए कि कार्यवाहक कुलपति केवल रोजमर्रा के काम निपटाएंगे। मंत्रालय के इस पत्र के बाद यह स्पष्ट हो गया कि विश्वविद्यालय में अब स्थायी कुलपति की नियुक्ति के बाद ही शिक्षक भर्ती प्रकिया शुरू की जा सकेगी।
हालांकि नए कुलपति के लिए शिक्षक भर्ती ही सबसे बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि पूर्व कुलपति प्रो. हांगलू पर अनियमितता से संबंधित जो भी आरोप लगे, उनमें शिक्षक भर्ती में धांधली का आरोप भी शामिल था और मंत्रालय के पास शिक्षक भर्ती को लेकर ही सबसे अधिक शिकायतें भेजी गईं थीं।