छात्रसंघ की मांग को लेकर प्रदर्शन करते छात्र।
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प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में छात्रसंघ की बहाली को लेकर बृहस्पतिवार को इविवि प्रशासन और अनशनकारी छात्रों के बीच हुई वार्ता विफल हो गई। इविवि प्रशासन की ओर से छात्रों से कहा गया है कि वर्तमान कार्यवाहक कुलपति अभी कोई नीतिगत निर्णय नहीं ले सकते हैं। इसलिए थोड़ा इंतजार करना होगा। वहीं, छत्र अड़े रहे कि जब तक छात्रसंघ बहाली पर निर्णय नहीं हो जाता, उनका आमरण अनशन जारी रहेगा।
19 सूत्रीय मांगों को लेकर समाजवादी छात्रसभा के बैनर तले चल रहे अनशन के 50 दिन बृहस्पतिवार को पूरे हो गए। छात्रों ने शुरुआत क्रमिक अनशन से की थी और छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर बुधवार से इसे आमरण अनशन में बदल दिया। कुछ दिनों पहले ही कार्यवाहक कुलपति प्रो. आरआर तिवारी स्पष्ट कर चुके हैं कि छात्रसंघ की बहाली अभी नहीं की जा सकती है। बृहस्पतिवार को मौके पर चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरके उपाध्याय और डीएसडब्ल्यू प्रो. केपी सिंह छात्रों को मनाने पहुंचे। उन्होंने छात्रों से कहा कि कार्यवाहक कुलपति अभी कोई नीतिगत निर्णय नहीं ले सकते हैं। इस मसले पर कार्य परिषद की बैठक में ही निर्णय लिया जा सकता है। विश्वविद्यालय में बदलाव का दौर है। छात्रों को सलाह दी गई कि कुछ दिनों तक इंतजार कर लें और आमरण अनशन समाप्त करें।
छात्रों ने कहा कि अगर कार्यवाहक कुलपति नीतिगत निर्णय नहीं ले सकते हैं तो कार्यभार ग्रहण करने के बाद छात्रसंघ बहाली का आश्वासन क्यों दिया था और किस आधार पर छात्रसंघ बहाली के लिए एकेडमिक कौंसिल की बैठक में कमेटी गठित करने का निर्णय लिया था। छात्रों ने कहा कि जब तक छात्रसंघ की बहाली नहीं हो जाती, उनका अनशन जारी रहेगा। छात्रों के न मानने पर चीफ प्रॉक्टर और डीएसडब्ल्यू को वहां से खाली हाथ लौटना पड़ा। अनशन में छात्र नेता अजय यादव सम्राट, अविनाश विद्यार्थी, राहुल पटेल, सुशील कुशवाहा, मोहम्मद मुब्बसिर, नवनीत यादव, शिवबली यादव, हरेंद्र यादव, आनंद संसद, कपिल तेजा, सरवन यादव, यशवंत यादव, रोहित सावन, अवनीाश् आदि मौजूद रहे।