छात्रसंघ के सामने लगा टेंट भी उखाड़ा, बिस्तर आदि किया गया जब्त
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में छात्रसंघ बहाली को लेकर आमरण अनशन कर रहे छात्रों को पुलिस ने रविवार दोपहर बलपूर्वक उठा दिया। अनशन से उठाए गए छात्रनेताओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस बीच छात्रसंघ के बाहर अनशन स्थल पर टेंट उखाड़ दिया गया और वहां पड़े बिस्तर, दरी आदि को भी जब्त कर लिया गया। अनशन में शामिल पांच छात्रों का एसआरएन अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं, बाकी छात्रों ने शाम को अनशन समाप्त करते हुए कहा कि दशहरे की छुट्टी के बाद विवि खुलने पर फिर आंदोलन शुरू होगा।
शनिवार को आधी रात छात्रसंघ उपाध्यक्ष को खून की उलटियां होने पर बेली अस्पताल में भर्ती करा दिया गया था, जहां हालत गंभीर होने पर उन्हें एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया गया। इसके कुछ देर बाद अनशन में शामिल छात्रनेता अविनाश विद्यार्थी और अजय सम्राट की तबीयत भी बिगड़ गई। इन दोनों को भी एसआरएन अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। वहीं, छात्रसंघ अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव, पूर्व अध्यक्ष अवनीश यादव और पांच अन्य छात्र अनशन पर बैठे रहे। रविवार दोपहर पुलिस ने अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव और पूर्व अध्यक्ष अवनीश यादव को बलपूर्वक उठाकर एसआरएन अस्पताल में भर्ती करा दिया। पुलिस की कार्रवाई से हड़कंप मच गया और अन्य पांच छात्र भी अनशन स्थल छोड़कर दूसरी जगह चले गए। कुछ देर बाद छात्र लौटे तो देखा की अनशन स्थल से टेंट, बिस्तर आदि सामान हटाए जा चुके हैं। छात्रनेता अदील हमजा, भूपेंद्र यादव, आशीष प्रताप, सुशील कुशवाहा और जितेंद्र धनराज फिर अनशन पर बैठ गए।
शाम को पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह, समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष अखिलेश गुप्ता गुड्डू और एबीवीपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य अतेंद्र सिंह ने जूस पिलाकर छात्रों का अनशन तुड़वाया। निर्णय लिया गया कि दशहरा की छुट्टियों के बाद विश्वविद्यालय खुलने पर फिर से आंदोलन किया जाएगा।
छात्रसंघ को खत्म करना तनाशाही: राम गोविंद
प्रयागराज। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं यूपी विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने कहा है कि इविवि प्रशासन द्वारा छात्रसंघ को खत्म कर छात्र परिषद लागू करना छात्र अधिकारों पर कुठाराघात है। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार सत्ता के मद में चूर होकर तानाशाही पर उतर आई है। छात्रसंघ से निकले तमाम छात्र सत्ता के शीर्ष तक पहुंचे हैं। इविवि को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जो पहचान मिली, उसमें छात्रसंघ की भी अहम भूमिका है। वहीं, सरकार के इशारे पर कुलपति छात्रों की आवाज दबाने पर तुले हैं और इस गौरवशाली इतिहास को मिटाना चाहते हैं। कहा कि उनकी पार्टी छात्रों के साथ है। अगर छात्रसंघ की बहाली नहीं हुई तो आंदोलन तेज होगा।
Allahabad University students union- फोटो : CITY DESK
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