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प्रो. हांगलू के विरोधी छात्रों को मिली राहत

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Allahabad University students got relief from hangloo's restrictions
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निलंबित, निष्कासित 12 छात्रों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति
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पहले ही दिन कार्यवाहक कुलपति प्रो. आरआर तिवारी ने लिया अहम निर्णय
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के पूर्व कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू के खिलाफ आंदोलन के कारण निलंबित और निष्कासित किए गए छात्रों को विश्वविद्यालय के नए कार्यवाहक कुलपति प्रो. आरआर तिवारी ने चार्ज संभालते ही राहत प्रदान की। उन्होंने निलंबित एवं निष्कासित किए गए छात्रों को आगामी परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी है। हालांकि, इनमें से कुछ छात्र ऐसे हैं, जिनके खिलाफ रैगिंग के आरोप में कार्रवाई की गई थी।
जिन निलंबित एवं निष्कासित छात्रों को परीक्षा में शामिल होने के लिए अर्ह पाया गया है, उनमें पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्र भी शामिल हैं। इसके अलावा एबीवीपी के छात्रनेता आनंद कुमार सिंह, विक्रांत सिंह, नीरज प्रताप सिंह के नाम भी हैं। वहीं, बीए तृतीय वर्ष के छात्र आदित्य सिंह, विशाल यादव, नीलेश अग्रहरि, आनंद कौशल सिंह, उत्तम त्रिपाठी, बीए द्वितीय वर्ष के अवनीश यादव, संजय पाल एवं गौतम आनंद को भी राहत प्रदान की गई है।
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चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे एवं डीएसडब्ल्यू प्रो. हर्ष कुमार की ओर से इन छात्रों के नाम की सूची परीक्षा नियंत्रक को भेज दी गई है।
साथ ही परीक्षा नियंत्रक को भेजे गए पत्र में लिखा है कि विश्वविद्यालय के अनुशासन मंडल द्वारा अनुशासनहीनता एवं रैगिंग के आरोपों में दंडित/निष्कासित छात्रों को कुलपति के आदेश पर अपनी-अपनी उपाधि पूर्ण करने के लिए परीक्षा में बैठने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन्हें परीक्षा में शामिल होने और परीक्षाफल घोषित करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
दो पूर्व उपाध्यक्षों को नहीं मिली राहत
- पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्र के साथ पूर्व उपाध्यक्ष एवं समाजवादी छात्रसभा के नेता अदील हमजा को भी इविवि प्रशासन ने निष्कासित किया था। साथ ही छात्रसंघ के निवर्तमान उपाध्यक्ष एवं एनएसयूआई के छात्र नेता अखिलेश यादव को भी निष्कासित किया गया था।
अदील और अखिलेश को कोई राहत नहीं मिली। छात्र संघर्ष मोर्चा के सदस्यों का कहना है कि नए कुलपति प्रो. आरआर तिवारी ने एक अच्छी पहल की, लेकिन यह समझ में नहीं आया कि जब लिस्ट बनाई जा रही थी तो इसमें अदील ओर अखिलेश के नाम कैसे छूट गए। सदस्यों का कहना है कि अगर यह लिपिकीय त्रुटि है तो इससे सुधार लिया जाए और अगर नीतिगत विषय है तो यह संघर्ष को आमंत्रण है। छात्रों ने कुलपति को चेतावनी दी कि इस त्रुटि को नहीं सुधारा गया तो आंदोलन होगा।
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अदील, अखिलेश इविवि के छात्र नहीं: प्रॉक्टर
चीफ प्रॉक्टर का प्रो. रामसेवक दुबे का कहना है कि अदील हमजा बीएएलएलबी और अखिलेश यादव का बीए का पाठ्यक्रम पूरा हो गया है। दोनों ही अब विश्वविद्यालय के छात्र नहीं हैं और उन्हें आगामी परीक्षाओं में शामिल नहीं होना है। जिन्हें राहत दी गई है, वे आगामी परीक्षाओं के लिए अर्ह हैं। हालांकि, भविष्य में उनके निष्कासन के मुद्दे पर विचार किया जाएगा।
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