प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में छात्रसंघ बहाली के मुद्दे पर मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। पुलिस ने छात्रसंघ के सामने से 15 छात्र नेताओं को गिरफ्तार कर लिया और सभी को कैंट थाने ले जाया गया। हालांकि दिनभर थाने में बैठाकर रखने के बाद शाम को सभी छात्र नेताओं को पुलिस ने छोड़ दिया।
इविवि में छात्र परिषद के विरोध और छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर सुबह से ही छात्रसंघ भवन के सामने छात्रों की भीड़ जुटने लगी थी। मंगलवार को विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में विधानसभा अध्यक्ष ह्दय नारायण दीक्षित भी एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए थे। ऐसे में वहां सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। हालांकि, छात्र नेताओं ने विधानसभा अध्यक्ष से मिलने के लिए औपचारिक रूप से कोई घोषणा नहीं की थी लेकिन, इविवि प्रशासन के आशंका थी कि छात्रों के इस आंदोलन से कार्यक्रम में व्यवधान उत्पन्न हो सकता है। ऐसे में पुलिस को भी पहले से सूचना दे दी गई थी।
छात्र नेता जैसे ही छात्रसंघ भवन के सामने पहुंचे, वहां मौजूद जिला प्रशासन एवं पुलिस के अफसरों ने छात्र नेताओं से उठने के लिए कहा। इस बीच चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे भी वहां पहुंच गए। चीफ प्रॉक्टर और छात्र नेताओं के बीच तीखी झड़प हो गई और कुछ देर बाद पुलिस ने वहां मौजूद छात्रसंघ के निवर्तमान अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव, महामंत्री शिवम सिंह, उपाध्यक्ष अखिलेश यादव, संयुक्त मंत्री सत्यम सिंह सनी, पूर्व अध्यक्ष दिनेश सिंह यादव, पूर्व उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह, अदील हमजा, समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष अखिलेश गुप्ता गुड्डू, छात्र नेता अजय सिंह सम्राट, सत्यम कुशवाहा, अनुभव सिंह, आनंद सेंगर, दुर्गेश सिंह, सौरभ सिंह बंटी और अतेंद्र सिंह को हिरासत में ले लिया।
सभी छात्र नेताओं को कैंट थाने ले जाया गया और दिनभर बैठाए जाने के बाद देर शाम सभी को छोड़ दिया गया। निवर्तमान उपाध्यक्ष अखिलेश यादव का कहना है कि छात्र इस तरह की कार्रवाई से पीछे नहीं हटने वाले। बुधवार को सभी छात्र फिर से छात्रसंघ भवन के सामने इकट्ठा होंगे और मुंडन संस्कार के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराएंगे।