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इलाहाबाद विश्वविद्यालय : फीसवृद्धि के विरोध में छात्रनेता ने किया आत्मदाह का प्रयास, पुलिस ने बचाया

Mon, 19 Sep 2022 04:20 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

फीस वृद्धि के खिलाफ चल रहे आंदोलन में सोमवार को छात्रनेता आनंद सिंह भदौरिया ने अपने ऊपर मिट्टी का तेल उड़ेलकर आत्मदाह का प्रयास किया। एक दिन पहले ही छात्रनेता ने ट्विटर पर पोस्ट डालकर आत्महत्या करने की धमकी दी थी, जिसके मद्देनजर पुलिस छात्रसंघ भवन पर मुस्तैद थी।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय मे फीसवृद्धि के विरोध में आत्मदाह कर रहे छात्रनेता को बचाती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में फीस वृद्धि के विरोध में जारी आंदोलन में शामिल छात्र नेता आदर्श भदौरिया ने सोमवार को छात्रसंघ भवन के सामने आत्मदाह की कोशिश की। छात्र ने एक दिन पहले ही आत्मदाह की चेतावनी दी थी, सो पुलिस पहले से मुस्तैद थी और उसने आदर्श को रोक दिया।

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आदर्श का आरोप है कि लालापुर थाने की पुलिस उसके परिवार वालों को धमकी दे रही है कि अगर आदर्श को वापस घर नहीं बुलाया तो सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया जाएगा। रविवार को पुलिस आदर्श के घर पहुंची थी, जिसके बाद आदर्श ने आत्मदाह की चेतावनी दी थी। आदर्श मंगलवार को छात्रसंघ भवन के सामने आमरण अनशन स्थल पर पहुंचा और खुद पर केरोसिन ऑयल छिड़क लिया।



विश्वविद्यालय चौकी इंचाज विनय कुमार सिंह वहां पहले से मौजूद थे। उन्होंने आदर्श को पकड़ लिया। खींचतान में उनके ऊपर भी केरोसिन ऑयल पड़ गया। इसके बावजूद विनय ने आदर्श को छोड़ा नहीं, जबकि चारों ओर से छात्र उन्हें घेरे हुए थे और किसी बड़ी घटना के लिए सिर्फ एक चिंगारी ही काफी थी। चौकी इंचार्ज ने आदर्श को पुलिस वाहन में बैठाया और उसे कर्नलगंज थाने लेकर पहुंच गए।


शाम पांच बजे पुलिस ने आदर्श को छोड़ा दिया। वहीं, इस हंगामे के दौरान छात्रसंघ भवन के सामने अमरण अनशन स्थल पर लगा टेंट पुलिस ने उखाड़ दिया। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच धक्कामुक्की भी हुई। हालांकि, टेंट हटाए जाने के बावजूद छात्र अनशन स्थल पर डटे रहे। कर्नलगंज थाने में रखा टेंट देर शाम छात्रों को वापस कर दिया गया।

एबीवीपी के छात्रों को भी पुलिस ने उठाया
फीस वृद्धि के विरोध में एबीवीपी के छात्र मंगलवार को डीएसडब्ल्यू कार्यालय के सामने धरने पर बैठे थे। छात्र नेता के आत्मदाह करने की कोशिश के बाद पुलिस ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं को उठा लिया और दिनभर पुलिस लाइन में रखने के बाद शाम को छोड़ दिया।


एबीवीपी के छात्र मांग कर रहे थे कि फीस वृद्धि का निर्णय वापस लिया जाए। पुलिस ने छात्रों से उठने के लिए कहा। जब छात्र नहीं माने तो उन्हें घसीटकर पुलिस वाहन में बैठा दिया गया। इविवि इकाई के अध्यक्ष शिवम सिंह, इकाई मंत्री आलोक त्रिपाठी, कार्तिकेय पति त्रिपाठी, आकाश सिंह, सौरव कुमार, शिवम शर्मा, आलोक राय, अर्पित, शिवरंजन आदि को पुलिस लाइन ले जाया गया।

घटना की सूचना मिलने पर कई पुरा छात्र और एबीवीपी के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारी पुलिस लाइन पहुंच गए। उन्होंने छात्रों को उठाए जाने पर अपना विरोध दर्ज कराया। शाम को पुलिस ने सभी कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया। इविवि इकाई के मंत्री आलोक त्रिपाठी ने कार्यकर्ताओं के प्रति इस व्यवहार को अनैतिक बताते हुए कहा है कि फीस वृद्धि वापस नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र होगा।
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छात्र आंदोलन को समर्थन देने पहुंचा प्रसपा का प्रतिनिधिमंडल
इविवि में फीस वृद्धि के खिलाफ 14 दिनों से जारी आमरण अनशन को समर्थन देने के लिए मंगलवार को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) का प्रतिनिधिमंडल अनशन स्थल पर पहुंच। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने छात्रों की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ने का आह्वन किया। प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय महासचिव अनूप कुमार सिंह, प्रदेश महासचिव श्रीप्रकाश राय, प्रदेश अध्यक्ष दिनेश यादव आदि शामिल रहे।


छात्रों ने लगाया लाठीचार्ज का आरोप
आइसा के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि आमरण अनशन स्थल पर मौजूद कुछ छात्रों पर पुलिस ने लाठियां चलाईं और बर्बरता के साथ आंदोलन को खत्म कराने का प्रयास किया। इविवि इकाई के सचिव मनीश कुमार ने कहा कि छात्र इससे डरने वाले नहीं हैं, बल्कि फीस वृद्धि के खिलाफ चल रहा आंदोलन अब और तेज होगा।
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