Allahabad University ragging case
शताब्दी ब्वॉयज हॉस्टल का मामला, आरोपियों को कारण बताओ नोटिस
हॉस्टल के बाहर जूनियरों को बितानी पड़ रही रात, शुरू कराई गई जांच
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के शताब्दी ब्वॉयज हॉस्टल में रैगिंग का मामला सामने आया है। शुक्रवार बीएएलएलबी पाठ्यक्रम के पीड़ित छात्रों के साथ इविवि प्रशासन ने बैठक करने के बाद 17 अरोपियों को चिह्नित किया है। हॉस्टल के अधीक्षक को मामले की जांच सौंपी गई है। वहीं, आरोपी सीनियर छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है। सीनियर छात्रों पर आरोप है कि वे जूनियरों को पूरी रात हॉस्टल के बाहर बैठाकर रखते हैं और उनसे गालीगलौज करते हैं।
मामले की शिकायत केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भी भेजी गई थी और वहां से जांच कराए जाने के निर्देश आए थे। इस बीच अभिभावकों ने भी इविवि प्रशासन के समक्ष शिकायत दर्ज कराई। शुक्रवार को चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे ने हॉस्टल में जूनियर छात्रों के साथ बैठक की। प्रो. दुबे के मुताबिक प्रथम दृष्टया रैगिंग का मामला सही पाया गया है। मामले में 17 सीनियर छात्रों को चिह्नित किया गया है। सोमवार को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।
चीफ प्रॉक्टर ने बताया कि हॉस्टल के अधीक्षक डॉ. प्रदीप कुमार को मामले की जांच सौंप दी गई है। साथ ही रात में ड्यूट पर तैनात चौकीदार से भी रिपोर्ट ली जाएगी। बीएएलएलबी के जूनियर छात्रों के साथ बैठक के बाद यह बात सामने आई है कि सीनियर छात्र रात के वक्त जूनियर छात्रों को हॉस्टल के बाहर बुलाते हैं और पूरी रात वहीं बैठाकर रखते हैं। जूनियर छात्रों के साथ गालीगलौज और कई तरह से अभद्रता की जाती है। अधीक्षक से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आरोपी सीनियर छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।