वहीं, सुपरवाइजर अपने लॉगिन के माध्यम से यह जान सकेंगे कि उनके शोधार्थी के रिसर्च की क्या स्थिति है। शोधार्थी भी रिसर्च से जुड़े प्रश्न अपने लॉगिन के माध्यम से सुपरवाइजर से पूछ सकेंगे और सुपरवाइजर को भी लॉगिन के जरिए जवाब देना होगा। जो सुपरवाइजर रिसर्च कर रहे हैं, उन्हें भी रिसर्च के टॉपिक से संबंधित नोटिफिकेशन नियमित रूप से मिलते रहेंगे।
पंजीकृत शोधार्थियों को क्लाउड कंप्यूटिंग के जरिए दो जीबी का स्टोरेज दिया जाएगा। इविवि के पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. बीके सिंह ने बताया कि इससे शोधार्थियों और उनके सुपरवाइजरों को काफी सुविधाएं मिलेंगी। इविवि के लॉगिन से शोधार्थी और सुपरवाइजर दोनों की मॉनीटरिंग होगी।
शोधार्थियों का वेरिफिकेशन शुरू
डॉ. बीके सिंह के अनुसार वेरिफिकेशन के लिए शोधाार्थियों को लाइब्रेरी में बुलाया जा रहा है। यह डाटा तैयार किया जा रहा है कि शोधार्थी के रूप में उनका रजिस्ट्रेशन कब हुआ। अब तक 20 फीसदी वेरिफिकेशन पूरा कर लिया गया है। अभी गर्मी की छुट्टियां चल रहीं हैं। जुलाई में विश्वविद्यालय खुलने पर प्रक्रिया तेज होगी। जुलाई के अंत तक वेरिफिकेशन पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद सभी के लॉगिन बनाए जाएंगे।