जगत तारन में डेटा एनालिसिस पर हुई कार्यशाला में सामने आए आंकड़े
प्रयागराज, 30 जनवरी। जगत तारन गर्ल्स डिग्री कॉलेज के अर्थशास्त्र विभाग में बृहस्पतिवार को दस दिवसीय कार्यशाला का समापन हुआ। ‘डेटा एनालिसस में एसपीएमएस के प्रयोग’ विषय पर आयोजित कार्यशाला के समापन पर संयोजिका डॉ. शिखा दीक्षित ने रिपोर्ट प्रस्तुत की।
उन्होंने बताया कि कार्यशाला के दौरान छात्राओं के बीच ‘स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता एवं स्वास्थ्य सुधार के लिए प्रयास’ विषय पर सर्वेक्षण किया गया। इसमें प्राप्त डेटा को एसपीएमएस के माध्यम से विश्लेषित करने पर निष्कर्ष निकला कि छात्राएं अपने स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा जागरूक नहीं होती है। तकरीबन 55 फीसदी छात्राओं को अपना ब्लड ग्रुप पता नहीं है। अधिकांश छात्राओं के अनुसार स्वच्छता का अभाव एवं दूषित जल बीमारी का मुख्य कारण है।
इससे पूर्व मुख्य अतिथि इविवि में वाणिज्य संकाय के डीन प्रो. असीम मुखर्जी ने कहा कि तथ्यों से ही सिद्धांतों का निर्माण होता है। विज्ञान का शोध सामाजिक विज्ञान से अलग होता है। विज्ञान में तत्यों, शाश्वत सत्य को देखते हैं जबकि सामाजिक विज्ञान में कुछ भी शाश्वत सत्य नहीं होता है, क्योंकि यहां सत्य दी हुई परिस्थितियों में ही सिद्ध होता है। प्राचार्य प्रो. कमला दुबे कार्यशाला की उपादेयता पर प्रकाश डला। सर्वे की रूपरेखा पूजा श्रीवास्तव एवं रिपेार्ट शांभवी और शशि सिंह ने प्रस्त्ुत की। रीना यादव ने धन्यवाद ज्ञापित किया और प्रबल कुमार द्विवेदी ने प्रमाणपत्र वितरित किए।
आज होगी ऑटा के चुनाव की घोषणा
प्रयागराज, 30 जनवरी। इलाहाबाद विश्वविद्यालय अध्यापक संघ (ऑटा) के चुनाव की घोषण शुक्रवार को होगी। इसके लिए 31 जनवरी को अपराह्न एक बजे विश्वविद्यालय के मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग में ऑटा की आम सभा बुलाई गई है। इस दौरान चुनाव अधिकारी की नियुक्ति भी कीर जाएगी। ऑटा महामंत्री प्रो. शिवमोहन प्रसाद ने अधिक से अधिक संख्या में शिक्षकों से आम सभा में शामिल होने का अनुरोध किया है।
ईब्ल्यूएस आरक्षण न देने की मंत्रालय से शिकायत
प्रयागराज, 30 जनवरी। क्रेट में ईडब्ल्यूएस का आरक्षण न दिए जाने की शिकायत केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से की गई है। इविवि में वाणिज्य विभाग की पूर्व छात्रा सृष्टि सिंह ने पत्र भेजकर शिकायत दर्ज कराई है कि क्रेट के आवेदन पत्र में ईडब्ल्यूएस आरक्षण का जिक्र किया गया था लेकिन अंतिम रूप से दिए गए प्रवेश में ईब्ल्यूएस आरक्षण का लाभ नहीं दिया गया। छात्रों ने कुलपति से भी शिकायत की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। छात्रा ने जनसूचना अधिकार के तहत इस बारे में इविवि से भी जानकारी मांगी है।