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Allahabad University : कई परीक्षार्थी दो से तीन सवालों का ही दे सके जवाब

Wed, 08 Jun 2022 01:50 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

अरबी के छात्र मोहम्मद ताहा और उसामा जलाल को एक सवाल का जवाब देने के बाद अगले सवाल के लिए 15 से 20 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। परीक्षार्थियों का दावा है कि 90 फीसदी से अधिक छात्र सर्वर धीमा होने के कारण पेपर पूरा नहीं कर सके।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इविवि के परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पहुंच बीए तृतीय वर्ष संस्कृत के छात्र ऋषभ पांडेय ने पांच सवालों का जवाब दिया और अगले प्रश्न की ओर बढ़े तो अपने आप ही लॉग आउट हो गए। फिर से लॉग इन कर परीक्षा में शामिल हुए। यह सिलसिला जारी रहा और परीक्षा पूरी होने तक दो से तीन सवालों का जवाब ही दे सके। संस्कृत के छात्र राघवेंद्र प्रताप सिंह ‘सेव एंड नेक्स्ट’ को क्लिक करके लगातार आगे बढ़ रहे थे, लेकिन तकनीकी गड़बड़ी के कारण 10 सवालों को हल करने के बाद फिर से पहले सवाल पर पहुंच गए और जिन विकल्पों को सेव किया था, वे भी गायब हो गए।
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अरबी के छात्र मोहम्मद ताहा और उसामा जलाल को एक सवाल का जवाब देने के बाद अगले सवाल के लिए 15 से 20 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। परीक्षार्थियों का दावा है कि 90 फीसदी से अधिक छात्र सर्वर धीमा होने के कारण पेपर पूरा नहीं कर सके। परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पहुंचे अन्य परीक्षार्थियों को भी ऐसी ही समस्याओं से जूझना पड़ा।


हेल्पलाइन नंबर से भी नहीं मिल मदद
इविवि प्रशासन ने ऑनलाइन परीक्षा में तकनीकी संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए थे, लेकिन परीक्षार्थियों का आरोप है कि हेल्पलाइन नंबर से कोई मदद नहीं मिली। एबीवीपी की प्रांत कार्यकारिणी के सदस्य अमर सिंह, छात्र नेता अजय यादव सम्राट एवं परीक्षार्थियों का आरोप है कि हेल्पलाइन नंबर का फोन अगर उठा भी तो छात्रों को उचित जवाब नहीं मिला। सबसे अधिक दिक्कत उन परीक्षार्थियों को हुई जो ऑनलाइन परीक्षा दूसरे जिलों से दे रहे थे।
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‘संस्कृत, अरबी, फारसी प्रथम प्रश्न की परीक्षा मंगलवार को सुबह नौ बजे से थी, लेकिन कुछ छात्र-छात्राओं की परीक्षा किसी कारणवश छूट गई। इस संबंध में छात्र हित को देखते हुए जल्द ही निर्णय की सूचना विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर दी जाएगी।’ डॉ. जया कपूर, पीआरओ, इविवि
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