इलाहाबाद विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग के सभी डाक्यूमेंट ऑनलाइन करने तथा डिग्री और मार्कशीट के ऑनलाइन सत्यापन की कवायद एक बार फिर शुरू की गई है। यह सब फर्जी डिग्री और मार्कशीट की बढ़ती शिकायतों पर अंकुश लगाने के लिए किया जा रहा है। विवि के नाम पर फर्जी डिग्री और मार्कशीट की लगातार शिकायतें हो रही हैं। विगत दो वर्ष में ही इस तरह के 400 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। ये वे मामले हैं जो विवि के पास सत्यापन के लिए पहुंचे। विवि के अफसरों का मानना है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक है।
ज्यादातर संस्थान डिग्री और मार्कशीट सत्यापन कराती ही नहीं हैं। इससे चिंतित विवि प्रशासन ने सभी डाक्यूमेंट ऑनलाइन करने का फैसला लिया है। इसके तहत डाक्यूमेंट ऑनलाइन होने के बाद कोई भी संस्था ऑनलाइन डाक्यूमेंट का सत्यापन कर सकेंगी। डिग्री और मार्कशीट की कापी विवि में नहीं भेजनी होगी। संस्था को बस निर्धारित फीस जमा करनी होगी। इसके बाद उन्हें कोड मिल जाएगा। इसकी मदद से वे डाक्यूमेंट का खुद सत्यापन कर सकेंगे। परीक्षा समिति के फैसले के बाद इसका मसौदा तैयार करने के लिए कमेटी बनाने का निर्णय लिया गया है। कमेटी का गठन कुलपति को करना है। परीक्षा नियंत्रक प्रो. एचएस उपाध्याय ने बताया कि समिति के गठन तथा उसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।