गौरतलब है कि छात्रावास को विश्वविद्यालय की और अधिग्रहित करने का प्रस्ताव 25 साल से अधिक समय पहले सोसाइटी ने प्रस्तावित किया गया था। लेकिन इस दिशा में कोई प्रगति नही हुई थी।
29 साल 11 महीने के लिए एक रुपये वार्षिक किराए पर हिन्दू हॉस्टल इलाहाबाद विश्वविद्यालया के जिम्मे होगा। यह निर्णय शुक्रवार को कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई कार्य परिषद की बैठक में इस पर सहमति बनी।
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गौरतलब है कि छात्रावास को विश्वविद्यालय की और अधिग्रहित करने का प्रस्ताव 25 साल से अधिक समय पहले सोसाइटी ने प्रस्तावित किया गया था। लेकिन इस दिशा में कोई प्रगति नही हुई थी। जब प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने कुलपति के रूप में पदभार संभाला तो सोसाइटी ने एक बार फिर से इस आशय का प्रस्ताव भेजा गया। कुलपति ने इसका त्वरित संज्ञान लेते हुए कार्यवाही शुरू की। छात्रावास परिसर अधिग्रहण से विश्वविद्यालय न सिर्फ इसको बेहतर रूप से प्रशासित कर सकता है और अन्य अकादमिक गतिविधियों के लिए भी प्रयोग में लाया जा सकेगा।
इस छात्रावास का निर्माण दूरदर्शी राष्ट्रवादी नेता और महान शिक्षाविद् महामना मदन मोहन मालवीय ने पूरी तरह से दान के रूप में एकत्र किए गए 2.5 लाख रुपये की धनराशि से किया था। कार्य परिषद ने विश्वविद्यालय की ओर से सोसाइटी के संरक्षक न्यायमूर्ति गिरधर मालवीय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने जो पहल की है वो विश्वविद्यालय की छात्र कल्याण और शैक्षणिक गतिविधियों के विस्तार और सुधार में मदद करेगा।
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पूर्व राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा रहे हैं अंत:वासी
हिंदू छात्रावास के पुराछात्र में पूर्व राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा, राष्ट्रवादी नेता गोबिंद बल्लभ पंत, पूर्व प्रधान मंत्री चंद्रशेखर, कवि फिराक गोरखपुरी और सुमित्रानंदन पंत और नेपाल के पूर्व प्रधान मंत्री गिरिजा प्रसाद कोइराला शामिल हैं।