इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि)
- फोटो : अमर उजाला
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के इतिहास में पहली बार सोमवार को ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित की गईं। पहले दिन व्यवस्था चरमराई रही। परीक्षा में 782 विद्यार्थियों को शामिल होना था और ढाई हजार कॉपियां ऑनलाइन अपलोड कर दी गईं। कंप्यूटर स्क्रीन पर आंकड़े सामने आने के बाद इविवि अफसर भी चकरा गए और उनके लिए यह पता लगाना मुश्किल हो गया कि परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों की वास्तविक संख्या कितनी है। यह हालत तब है, जब बहुत से परीक्षार्थी तकनीकी दिक्कतों के कारण अपनी कॉपियां ऑनलाइन अपलोड नहीं कर सके।
कोविड-19 के कारण इविवि में सोमवार से स्नातक अंतिम वर्ष की ऑनलाइन परीक्षाएं शुरू हुईं। सुबह 10 से दोपहर दो बजे की पाली में एजूकेशन, मैथ्स, बॉटनी की परीक्षा थी और दोपहर एक से शाम पांच बजे की पाली में होम साइंस की परीक्षा थी। पहले दो घंटों में परीक्षार्थियों को किन्हीं चार सवाल के जवाब अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखने थे और बाकी दो घंटों में उत्तर पुस्तिका की पीडीएफ फाइल अपलोड करनी थी। इन परीक्षाओं में कुल 782 अभ्यर्थियों को शामिल होना था। सुबह परीक्षा शुरू होते ही सर्वर धीमा हो गया और इविवि के अफसरों के फोन बजने लगे। तकनीकी विशेषज्ञों ने मामले को देखा तो पता चला कि 5523 छात्र वेबसाइट पर एक साथ सर्च कर रहे हैं और इसी वजह से सर्वर धीमा हो गया है।
फिलहाल आधे घंटे के बाद स्थिति सामान्य हुई। परीक्षार्थियों ने वेबसाइट पर ऑनलाइन पेपर खोला और ए-4 साइज के पेपर पर उत्तर लिखने शुरू किए। पेपर पूरा होने के बाद परीक्षार्थियों को उसकी पीडीएफ ऑनलाइन अपलोड करनी थी। पेपर देर से शुरू हुआ, सो अभ्यर्थी देर तक पेपर हल करते रहे। ऐसे में पीडीएफ अपलोड करने के लिए कम समय बचा और इसमें हड़बड़ी देखने को मिली। उत्तर पुस्तिका की पीडीएफ फाइल अपलोड हुई या नहीं, इस आशंका में परीक्षार्थियों ने पांच-पांच बार पीडीएफ फाइल को अपलोड कर दिया। प्रयागराज में रहने वाले तमाम छात्र पीडीएफ फाइल अपलोड नहीं कर सके। इनमेें तकरीबन 50 छात्रों ने इविवि के परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पहुंचकर उत्तर पुस्तिका की हार्डकॉपी जमा की।
स्पीड पोस्ट, ईमेल से भी मंगाईं गईं कॉपियां
अन्य जिलों एवं प्रदेशों में रहने वाले तमाम अभ्यर्थियों के पास तो यह सुविधा भी नहीं थी। परीक्षा नियंत्रक के पास उनके फोन आने लगे। परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि कॉपियां ईमेल या स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेज दें। परीक्षा नियंत्रक रामेंद्र कुमार का कहना है कि अभ्यर्थियों की संख्या से अधिक पीडीएफ फाइल अपलोड हो जाने से अभी यह आंकड़े प्राप्त नहीं किए जा सकें हैं कि कितने परीक्षार्थी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि पहला दिन था, सो हॉर्डकॉपी के साथ ईमेल और स्पीड पोस्ट के माध्यम से भी कॉपियां मंगा ली गई, लेकिन मंगलवार से ऐसा नहीं होगा। अभ्यर्थी दो घंटे की समय सीमा में अपना पेपर पूरा करें और इसके बाद बाकी के दो घंटे में उत्तर पुस्तिका की पीडीएफ फाइल ऑनलाइन अपलोड करें। जो परीक्षार्थी ऐसा नहीं करेंगे, उन्हें बाद में द्वितीय परीक्षा देनी होगी।