दानदाता न मिलने के कारण छात्रों को नहीं मिल सकेंगे मेडल
नए दानदाता आगे आए तो भविष्य में दिए जा सकेंगे मेडल
प्रयागराज। इविवि के दीक्षांत समारोह में कई विभागों के टॉपर्स को विश्वविद्यालय मेडल से वंचित रह जाएंगे। दरअसल, इन विभागों को कोई दानदाता नहीं मिल सका और इसी वजह से विभागों के टॉपर्स को विश्वविद्यालय मेडल भी नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे टॉपर्स को बाद में अलग से प्रमाणपत्र दिए जाएंगे, जिसका प्रावधान पहले से है।
विश्वविद्यालय मेडल उन विभागों के टॉपर्स को दिए जाते हैं, जहां किसी पुरा छात्र या अन्य व्यक्ति ने कोई धनराशि दान की हो। इसी धनराशि के ब्याज से मेडल बनवाकर वितरित किए जाते हैं। दीक्षांत समारोह में 113 विश्वविद्यालय मेडल वितरित किए जाएंगे। तकरीबन 15 नए विभाग ऐसे हैं, जिनकी स्थापना पिछले पांच से पंद्रह वर्षों के बीच हुई है। आयोजन समिति के चेयरमैन प्रो. रामेंद्र सिंह के अनुसार इन विभागों कोई डोनर यानी दानदाता नहीं मिला। इन विभागों के कुछ टॉपर्स ने मेडल न मिलने का कारण पूछा था। उन्हें स्थिति से अवगत करा दिया गया है।
प्रो. रामेंद्र सिंह ने दानदाताओं से अपील की है ताकि भविष्य में सभी विभागों के टॉपर्स को विश्वविद्यालय मेडल प्रदान किए जा सकें। प्रो. सिंह का कहना है कि अगर कोई इस बाबत प्रस्ताव देना चाहता है तो दे सकता है। वह प्रस्ताव को एकेडमिक कौंसिल के समक्ष रखेंगे और वहां से मंजूरी के बाद कार्य परिषद से स्वीकृति ली जाएगी। इसके बाद अन्य विभागों में भी दानदाता मेडल दिए जाने का रास्ता साफ हो जाएगा। इसके लिए एक डोनर से कम से कम एक लाख रुपये के दान की अपेक्षा है।
दीक्षांत में शामिल नहीं होंगी उत्तराखंड की गवर्नर
दीक्षांत समारोह में उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्या अब शामिल नहीं होंगी। पूर्व में उन्होंने समारोह में शामिल होने के लिए सहमति दी थी लेकिन उन्हें बतौर विशिष्ट अतिथि समारोह में शामिल किया जा रहा था, जो उनके प्रोटोकॉल के विपरीत था। इसी वजह से अब वह समारोह में शामिल नहीं होंगे। इविवि में 23 साल बाद आयोजित होने जा रहे दीक्षांत समारोह में विजिटर यानी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और चीफ रेक्टर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल भी नजर नहीं आएंगी। हालांकि विजिटर की ओर से इविवि प्रशासन को दीक्षांत समारोह के लिए बधाई संदेश मिल चुका है।