परिचयपत्र बनवाने के लिए अंतिम तिथि चार अक्तूबर निर्धारित
चुनाव तिथि पर निर्णय से पहले डीएम-एसएसपी से ली जाएगी मंजूरी
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में एक तरफ छात्रसंघ बहाली के लिए आंदोलन चल रहा है तो दूसरी ओर इविवि प्रशासन छात्र परिषद के चुनाव की तैयारी में जुटा है। इविवि प्रशासन दशहरा के बाद छात्र परिषद के चुनाव की तिथि घोषित कर सकता है। छात्र-छात्राओं से स्पष्ट रूप से कह दिया गया है कि चार अक्तूबर तक अपने परिचयपत्र (आईकार्ड) बनवा लें, इसके लिए परिचय पत्र नहीं बनेंगे।
हालांकि, छात्रसंघ समाप्त किए जाने और उसकी जगह छात्र परिषद लागू किए जाने के निर्णय से इविवि परिसर में तनाव का माहौल है। ऐसे में छात्र परिषद के चुनाव की तिथि घोषित होते ही हंगामा हो सकता है। पिछले साल पांच अक्तूबर को छात्रसंघ के लिए वोट पड़े थे और उसी दिन परिणाम भी घोषित कर दिया गया था। इस बार छात्र परिषद का चुनाव होना है और तनाव बढ़ता जा रहा है, सो इविवि प्रशासन भी फूंक-फूंककर कदम रख रहा है।
उधर, इविवि के चीफ प्रॉक्टर ने विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि सभी छात्र-छात्राएं चार अक्तूबर तक अपना परिचयपत्र बनवा लें। परिचयपत्र बनवाने के लिए छात्र-छात्राओं को अंतिम अवसर दिया जाता है। दरअसल, जिन छात्र-छात्राओं के परिचयपत्र होंगे, वोटर लिस्ट में उन्हीं के नाम होंगे और वही मतदान कर सकेंगे। अब स्पष्ट कर दिया गया है कि चार अक्तूबर के बाद परिचयपत्र नहीं बनेंगे और इविवि में दशहरे की छुट्टी भी हो जाएगी। ऐसे में दशहरे के बाद ही चुनाव की तिथि घोषित होने की संभावना है। चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे का कहना है कि चुनाव तिथि के बारे में कोई भी निर्णय लेने से पहले जिला और पुलिस प्रशासन के साथ बैठक की जाएगी। इसके लिए डीएम और एसएसपी की मंजूरी भी आवश्यक है।
कुलपति के खिलाफ सविनय अवज्ञा आंदोलन का निर्णय
प्रयागराज। छात्रसंघ बहाली के लिए आंदोलन कर रही संयुक्त संघर्ष समिति की मंगलवार को हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि दो अक्तूबर से कुलपति के खिलाफ सविनय अवज्ञा आंदोलन चलाया जाएगा। इसके साथ ही समिति ने प्रयागराज के नागरिकों के नाम एक खुला पत्र भी जारी किया है। संयुक्त संघर्ष समिति के मुख्य संयोजक अतेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय हुआ कि दो अक्तूबर से कुलपति के आदेशों का पालन नहीं किया जाएगा और गांधी के बताए मार्ग पर चलते हुए सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू होगा।