मानद उपाधि को लेकर भी हो विवाद होने के आसार
प्रयागराज, 27 अगस्त। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) की 28 अगस्त को होने वाली कार्य परिषद की बैठक में पत्राचार संस्थान के कर्मचारियों का मुद्दा उठा सकता है। वहीं, मानद उपाधि के लिए चयनित नामों को लेकर भी विवाद होने के आसार हैं।
ऑटा के पूर्व अध्यक्ष प्रो. राम किशोर शास्त्री ने डीजीपी ओपी सिंह को मानद उपाधि के लिए चयनित किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराते हुए कार्य परिषद के सभी सदस्यों को पत्र लिखा है और उनसे आग्रह किया है कि इस मुद्दे पर सदस्य कार्य परिषद की बैठक में अपना विरोध दर्ज कराएं। कार्य परिषद की बैठक में मानद उपाधि के लिए चयनित पूर्व राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी एवं डीजीपी ओपी सिंह के नाम पर अंतिम मुहर लगनी है। उधर, पत्राचार संस्थान कर्मियों ने भी कार्य परिषद के सदस्यों को पत्र भेजकर अनुरोध किया है कि उनकी पक्ष बैठक में रखा जाए।
इसके साथ ही कर्मचारियों ने सदस्यों को सांसद डॉ. रीता बहुगुणा जोशी की ओर से लिखे गए उस पत्र की कॉपी भी भेजी है, जिसमें उन्होंने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक से कर्मचारियों को न्याय दिलाने की मांग की है। इस पत्र में डॉ. रीता जोशी ने कहा है कि इस संस्थान में 82 कर्मचारी शेष रह गए हैं। उन्होंने से तीन दशक तक विश्वविद्यालय को अपनी सेवाएं दी हैं। विश्वविद्यालय में तकरीबन सवा सौ पद रिक्त पड़े हैं। सांसद ने मांग की है कि रिक्त पदों पर संस्थान कर्मियों को समायोजित कर दिया जाए।