पुराने छात्र कमरा बंद कर चाभी ले गए साथ
विश्वविद्यालय में ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने के बाद दूसरे जिलों में रहने वाले जो छात्र प्रयागराज वापस आए हैं, वह अब हॉस्टल आवंटित किए जाने की मांग कर रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि हॉस्टल आवंटन से पहले उसे अवैध कब्जे हटाने होंगे, जिसके लिए अभी तक कोई तैयारी नहीं की गई है।
प्रो. हांगलू के कार्यकाल में हास्टलों में हुई थी वॉशआउट की कार्रवाई
पूर्व कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू के कार्यकाल में हॉस्टल वॉशआउट की कार्रवाई की गई थी। उस वक्त काफी बवाल हुआ था और इसके बाद हॉस्टल खाली कराने के लिए कोई बड़ा अभियान नहीं चलाया गया। ऐसे में अगर नए छात्रों को विश्वविद्यालय प्रशासन हॉस्टल आवंटित करता भी है तो उनके लिए हॉस्टल में कब्जा पाना मुश्किल होगा।
‘सभी हॉस्टलों के अधीक्षकों ने अपने स्तर से उन छात्रों को हॉस्टल छोड़ने के लिए कहा है, जिनके पाठ्यक्रम पूरे हो चुके हैं और वह हॉस्टल में रहने के लिए अब अर्ह नहीं हैं। चीफ प्रॉक्टर से भी आग्रह किया जाएगा कि पुलिस के सहयोग से अवैध कब्जे हटाए जाएं। वहीं, हॉस्टल आवंटन के लिए नए छात्रों की लिस्ट भी तैयार की जा रही है। प्रक्रिया पूरी होते ही हॉस्टल आवंटित कर दिए जाएंगे और नए छात्रों को प्रवेश दिए जाएंगे।’ -प्रो. केपी सिंह, डीएसडब्ल्यू