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इविवि : हॉस्टल अधीक्षक के निलंबन की मांग पर अड़े छात्र

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हॉस्टल अधीक्षक के निलंबन की मांग पर अड़े छात्र
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0 डीएसडब्ल्यू कार्यालय पर छात्रों का प्रदर्शन, दिया ज्ञापन
0 मृत छात्र के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा और मरणोपरांत विधि की डिग्री देने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शताब्दी छात्रावास में आग से झुलसे विधि छात्र अभिषेक सिंह की मौत से साथी छात्रों में आक्रोश व्याप्त है। बुधवार को छात्रों ने डीएसडब्ल्यू कार्यालय का घेराव कर हॉस्टल अधीक्षक को तत्काल हॉस्टल अधीक्षक, असिस्टेंट डीएसडब्ल्यू व राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के समन्वयक पद से निलंबित करने की मांग की। साथ ही कहा कि छात्र के घरवालों को 50 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए।
कौशाम्बी के अजुहा में मलाका टांडा गांव का अभिषेक सिंह इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बीएएलएलबी अंतिम वर्ष का छात्र था और विवि शताब्दी हॉस्टल के कमरा नंबर 85 में रहता था। 7 मार्च की रात शार्ट सर्किट से आग की चपेट में आने से वह झुलस गया। लखनऊ स्थित किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में इलाज के दौरान अभिषेक की मौत हो गई। साथी की मौत से इविवि के छात्रों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। उनका कहना है कि छात्रावास अधीक्षक डॉ. राजेश गर्ग की लापरवाही से मौत हुई है। बुधवार को डीएसडब्ल्यू कार्यालय का घेराव करने जा रहे छात्रों की केंद्रीय पुस्तकालय गेट पर सुरक्षाकर्मियों से नोक झोक हुई। डीएसडब्ल्यू के अवकाश पर होने से छात्रों की कर्मचारियों से काफी देर तक बहस हुई। इसके बाद छात्रों ने ज्ञापन देकर हॉस्टल अधीक्षक को तत्काल पद से हटाने की मांग की। साथ ही मृत छात्र के परिजनों को पचास लाख रुपये मुआवजा, मरणोपरांत विधि की डिग्री देने और सभी हॉस्टलों में अग्निशामक यंत्र व प्राथमिक उपचार की व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अलावा सभी छात्रावासों में सभी इलेक्ट्रिक उपकरणों की जांच करने और उन्हें दुरुस्त कराने की भी मांग की। इधर, अभिषेक की मौत के बाद होली समारोह का एक पत्र वायरल हो रहा है। इस पर छात्रों का कहना है कि इस माहौल में समारोह आयोजित करना शर्मनाक है।
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एनएसयूआई ने मानवाधिकार आयोग को लिखा पत्र
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) इविवि इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष वैभव सिंह ने उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखकर छात्रावास अधीक्षक और एनएसएस समन्वयक डॉ. राजेश कुमार गर्ग की लापरवाही और अनियमितता के चलते छात्र की मृत्यु का आरोप लगाया है। आरोप है कि घटना के पहले छात्रों ने कई बार छात्रावास अधीक्षक को पत्र लिखकर विद्युत उपकरणों के मरम्मत करवाने की मांग की थी। लेकिन इसके लिए विवि प्रशासन ने कोई प्रयास नहीं किया। आखिरकार इस लापरवाही के चलते अभिषेक की मौत हो गई।
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