परीक्षा पर निगरानी के लिए बनाए जाएंगे कंट्रोल रूम
शासन ने राज्य विश्वविद्यालयों को जारी किए निर्देश
प्रयागराज। राज्य विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं पर इस बार कंट्रोल रूम से सीधी नजर रखी जाएगी। इसके लिए परीक्षा केंद्रों में वायस रिकार्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे के डीवीआर के साथ राउटर डिवाइस लगाए जाएंगे और वेबकास्टिंग भी की जाएगी। इस बाबत शासन की ओर से राज्य विश्वविद्यालयों के सभी कुलसचिवों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
प्रमुख सचिव आर. रमेश कुमार की ओर से जारी पत्र में कहा गया कि प्रत्येक परीक्षा केंद्रों के व्यवस्थापकों या प्राचार्य की ओर से केंद्र में लगे डीवीआर का आईपी एड्रेस, उनकी यूजर आईडी एवं पावसर्ड सील बंद लिफाफे में परीक्षा प्रारंभ होने से एक माह पूर्व ही संबंधित क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध कराना होगा। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी की ओर से अपने कार्यालय स्तर पर एक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा, जिसके जनपदीय राष्ट्रीय सूचना केंद्र में सुविधानुसार स्थापित किया जा सकता है।
कंट्रोल रूम के लिए आवश्यक कंप्यूटर आदि की व्यवस्था क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी द्वारा ऐसे महाविद्यालयों से लेकर की जाएगी जो परीक्षा केंद्र नहीं बनाए गए हैं। कंट्रोल रूम में प्रत्येक कंप्यूटर पर अधिकतम 15 से 16 परीक्षा केंद्रों के सतत निरीक्षण के लिए राजकीय महाविद्यालयों के दो-दो शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी कार्यालय स्तर पर बनाए गए कंट्रोल रूम की मॉनीटरिंग जिलाधिकारी की ओर से नामित किसी प्रशासनिक अधिकारी द्वारा की जाएगी।
हर कमरे में लगेंगे न्यूनतम दो सीसीटीवी कैमरे
- परीक्षा केंद्र के प्रत्येक कमरे में न्यूनतम दो सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। जहां कमरे का आकार बड़ा होगा, वहां इस प्रकार कैमरे लगाए जाएंगे कि संपूर्ण परीक्षा कक्ष को कवर किया जा सके। इसके अलावा सबसे पहले राजकीय एवं अशासकीय सहायक प्राप्त महाविद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा और इसके बाद स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। जिन महाविद्यालयों की प्रबंध समिति में विवाद होगा, वहां परीक्षा केंद्र नहीं बनाए जाएंगे।
सीसीटीवी की निगरानी में जमा होंगी उत्तर पुस्तिकाएं
उत्तर पुस्तिकाएं परीक्षा समाप्ति के दो घंटे के भीतर सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में संबंधित जिले के शासकीय महाविद्यालय के उत्तर पुस्तिका संग्रहण केंद्र में जमा की जाएंगी। वहीं, परीक्षा केंद्र बाए जाने वाले महाविद्यालयों में प्रश्नपत्रों की सुरक्षा एवं गोपनीयता बनाए रखने के लिए लोहे की दो अलमारियों समेत स्ट्रांग रूम की व्यवस्था रहेगी।
छात्राओं, दिव्यांगों को स्वकेंद्र की सुविधा
- छात्राओं एवं दिव्यांग विद्यार्थियों का महाविद्यालय अगर परीक्षा केंद्र बनाया गया है तो उन्हें स्वकेंद्र की सुविधा दी जाएगी। जहां स्वकेंद्र की सुविधा न हो, वहां अधिकतम पांच किलोमीटर की परिधि के केंद्र में परीक्षा देने की सुविधा प्रदान की जाएगी। जिन महाविद्यालयों की छात्राओं को स्वकेंद्र की सुविधा दी जाएगी, वहां बाह्य अतिरिक्त केंद्राध्यक्ष के साथ कम से कम 50 फीसदी स्टाफ भी बाहरी विश्वविद्यालय से नियुक्त किया जाए।