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नोटबंदी के बाद बजट से बढ़ी आस

Wed, 01 Feb 2017 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
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इस बार का आम बजट सिटीजन फ्रेंडली होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके तहत बजट में ऐसे प्रावधान किए जा सकते हैं, जिसके तहत तमाम सरकारी विभागों में समस्याओं के समाधान के लिए तय समय सीमा और कम की जाए। ऐसा होने पर समस्या के समाधान में विलंब से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। बजट से नौकरीपेशा से लेकर व्यापारी, गृहणी, युवाओं को काफी आस है क्योंकि नोटबंदी के कारण हर किसी को काफी परेशानी उठानी पड़ी है, अब बजट में लोग इसका लाभ चाह रहे हैं।
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बजट में आयकर छूट की सीमा में बढ़ोतरी के साथ नौकरीेपेशा लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। इसके लिए धारा 80सी एवं हाउसिंग लोन में कटौती की सीमा बढ़ने की संभावना है। नोटबंदी के दौरान हुई परेशानी की भरपाई के लिए मूलभूत टैक्स कटौती एवं टैक्स की दरों में राहत की उम्मीद है। एमएनएनआईटी कर्मी मोहम्मद साकिब सिद्दीकी का कहना है कि हाउसिंग लोन पर फैसला बड़ी राहत लेकर आएगा, क्योंकि बड़ी संख्या ऐसे कर्मियों की है जिन्होंने अपना आशियाना बनाने के लिए लोन ले रखा है। नोटबंदी के बाद ऑनलाइन देने को बढ़ावा देने के लिए इसके दायरे में आने वाले उपकरणों पर शुल्क में कमी संभव है। इसका फायदा व्यापारियों और आम लोगों को होगा।

बजट में बचत योजनाओं के लिए कुछ नए बॉड भी लाने की घोषणा हो सकती है। एफसीआई कर्मी अरविंद चौधरी कहते हैं कि बचत योजनाओं का लाभ तभी है, जब टैक्स में छूट की सीमा बढ़े। नोटबंदी का दंश झेलने वाले व्यापारियों को भी बजट से काफी उम्मीदे हैं। उम्मीद की जा रही है कि इस बार एकमुश्त घोषणा योजना एवं दो करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वालों के लिए नो बुक्स, नो ऑडिट का एलान हो सकता है। कागज कारोबारी संतोष पनामा, सीमेंट कारोबारी केके अग्रवाल कहते हैं कि तय सीमा तक कारोबार करने वालों को लेखा-जोखा रखने से छुटकारा मिला तो यह बड़ी राहत होगी। उन्होंने उम्मीद जताई की बजट में व्यापारी हित में इस फैसला होगा। गृहणी घरेलू उपयोग का सामान सस्ता होने तथा नोटबंदी के बाद टैक्स में बचत की उम्मीद लगाए हैं। दारागंज की सुमन लता तिवारी कहती हैं कि महंगाई लगातार बढ़ रही है। बजट में ऐसी घोषणा हो, जिससे आम उपयोग की वस्तुओं की कीमतें कम हों, क्योंकि बजट में कार, ज्वैलरी समेत ऐसी कीमती वस्तुओं की कीमतें घटाई जाती है, जो हर किसी के दायरे में नहीं होती।
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