अरब सागर से आ रही पछुवा और पर्वतीय इलाकों में आ रही नम पुरवइया का गठजोड़ क्या बना, मौसम का तानाबाना ही बदल गया। दिन में कई इलाकों में रिमझिम फुहारें पड़ी और मौसम सुहाना हो गया। दोनों हवाओं के गठजोड़ का ही असर रहा कि सोमवार को दिन भर आसमान में बादल छाए रहे। मौसम के इस बदले मिजाज का असर पारे पर भी दिखा।
मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार को अधिकतम तापमान 37.9 डिग्री और न्यूनतम 29.9 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि अधिकतम आर्द्रता 68 फीसदी व न्यूनतम 49 फीसदी दर्ज की गई। हालांकि मौसम का मिजाज बदलने के बावजूद लोग उमस से बेहाल रहे। मौसम विज्ञानी डॉ. एसएस ओझा का कहना है कि प्री मानसून ने एक माह दस्तक दी है। जहां तक मानसून के सक्रिय होने का सवाल है तो अभी कुछ दिन और इंतजार करना होगा।
मौसम के बदले मिजाज और पारे के अचानक गिर जाने से सर्दी, जुकाम जैसी बीमारियों ने भी हमला बोल दिया। बीमारियों की गिरफ्त में बच्चे, महिलाएं, युवा, अधेड़, बुजुर्ग सभी शामिल हैं। एसआरएन, बेली, काल्विन व डफरिन जैसे सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ है। चिकित्सकों का कहना है कि अब जबकि पारे में अचानक उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है तो ऐसे में सावधानी बरतने की जरूरत है वरना बिस्तर पकड़ते देर नहीं लगेगी।