नगर निगम की ओर से बढ़ाए गए गृहकर, प्रमोशनल सरचार्ज के खिलाफ भाजपा पार्षद भी खड़े हो गए हैं। इससे नाराज पार्षदों ने नगर निगम प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू करने की तैयारी की है। इसकी शुरूआत 17 फरवरी से होगी। इस दौरान दो घंटे मौन उपवास तथा उसके बाद जनसभा होगी। पार्षदों ने नगर निगम का घेराव और इलाहाबाद बंद की चेतावनी भी दी है।
सोमवार को संवाददाताओं से बातचीत में इस प्रदर्शन/आंदोलन के संयोजक पार्षद गणेश केसरवानी ने कहा कि नगर निगम सरकार के इशारे पर जनता को ठगने का काम कर रही है। इसके लिए जनता को जागरूक किया जाएगा। कहा कि सरकार, महापौर और निगम प्रशासन ने मिलकर जनता को प्रताड़ित करने और शहर में विकास कार्य ठप करने का काम किया है। व्यावसायिक टैक्स में बढ़ोतरी इसी की नतीजा है। इस वृद्धि से आम जनता की कमर टूट गई है और जनता निगम की किराएदार बन कर रह गई है। गृहकर में बढ़ोतरी से जलकर एवं जलमूल्य में भी इजाफा हो गया है। विकास कार्य अवरुद्ध करने के लिए राज्य वित्त आयोग से मिलने वाली रकम में कटौती कर दी गई।
पार्षद ने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के काम में लगी कंपनी हरी-भरी को पूरी तरह फेल बताया। कहा कि अनुबंध के तहत कंपनी को छह माह में पूरे शहर में काम शुरू कर देना था लेकिन बड़े हिस्से में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन अब तक नहीं शुरू हुआ। उन्होंने इसमें भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। कहा कि इन सबके खिलाफ निगम के सभी जोनल कार्यालयों के समीप मुख्य बाजारों में दो घंटे का मौन उपवास रखा जाएगा। इसकी शुरूआत 17 फरवरी को मुट्टीगंज से होगी। इसके बाद 20 को कटरा चौराहा, 24 को अल्लापुर लेबर चौराहा, 26 को खुल्दाबाद चौराहा एवं 29 फरवरी को नैनी सब्जी मंडी चौराहा पर उपवास रखा जाएगा। इसमें पार्षदों के साथ भाजपा नेता, सांसद भी शामिल होंगे। प्रेसवार्ता में पार्षद गिरीशंकर प्रभाकर, संजय गुप्ता, पुष्पा कुशवाह, चंद्रभूषण सिंह भी मौजूद थे।