इलाहाबाद विश्वविद्यालय और संघटक कालेजों की स्नातक परीक्षाएं सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होंगी। परीक्षा की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। नकल की बढ़ती शिकायत तथा उड़ाका दल पर हमले के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है।
विश्वविद्यालय और कालेजों की परीक्षा में नकल की व्यापक शिकायत रही है। पिछले सत्र में स्नातक की परीक्षा में ही एक हजार से अधिक नकलची पकड़े गए थे। विधि की परीक्षा में इस तरह की शिकायत ज्यादा है। सख्ती पर शिक्षकों तथा उड़ाका दल पर कई बार हमला भी हो चुका है। इसके मद्देनजर इस बार नकल विहीन परीक्षा के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इसी के अंतर्गत हर परीक्षा कक्ष में सीसीटीवी कैमरा लगाने का निर्णय लिया गया है। विश्वविद्यालय में इसकी व्यवस्था के लिए आईसीटी सेल से कहा गया है।
कालेजों में वहां के प्रशासन पर सीसीटीवी कैमरा लगवाने की जिम्मेदारी होगी। परीक्षा नियंत्रक प्रो. एचएस उपाध्याय ने बताया कि पूरी परीक्षा की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। बताया कि नकल विहीन परीक्षा के लिए कई अन्य कदम भी उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि कंप्यूटराइज्ड डिग्री के लिए भी जरूरी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रारूप में बदलाव के साथ कंप्यूटराइज्ड डिग्री का फैसला काफी पहले लिया जा चुका है, लेकिन अलग-अलग कारणों से इस पर अमल नहीं हो पा रहा। हालांकि परीक्षा नियंत्रक का कहना है कि विद्यार्थियों को जल्द ही कंप्यूटराइज्ड डिग्री मिलने लगेगी।
उधर, सीएमपी और इलाहाबाद डिग्री कालेज में नकल की अधिक शिकायत रही है। विगत वर्षों में उड़ाका दल तथा चीफ प्रॉक्टर पर बम से हमला भी हो चुका है। इसके मद्देनजर सीएमपी डिग्री कालेज में भी कई जरूरी कदम उठाए गए हैं। परीक्षार्थियों के लिए जरूरी हिदायत भी होगी। परिसर में इस बाबत जगह-जगह बोर्ड भी लगाए जाएंगे।