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जिंदा जलाई गई छात्रा की अस्पताल में मौत

Sun, 14 Feb 2016 01:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/इलाहाबाद
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यमुनापार के मेजा इलाके में तेरह रोज पहले घर के बाहर फोन पर बात करते वक्त बाइक सवार दो लोगों द्वारा जिंदा जलाए जाने के बाद से अस्पताल में भर्ती बीए की छात्रा ने शुक्रवार आधी रात दम तोड़ दिया। इस मामले में पुलिस ने दो हफ्ते बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की है। मजिस्ट्रेट से बयान भी कराने में लापरवाही बरती गई है। आरोप है कि छात्रा के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया था लेकिन पुलिस ने यह बात भी एफआईआर में छिपा ली। अब छात्रा की मौत के बाद पुलिस की उदासीनता से परिजनों और इलाके के लोगों में भारी नाराजगी है।
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मेजा इलाके की 20 वर्षीय रेखा (नाम काल्पनिक) का पिता नैनी में रहकर छोटे-मोटे काम कर परिवार का गुजारा करता है। रेखा बीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी। 26 जनवरी की छुट्टी पर वह मेजा में अपने गांव गई थी जहां कई रोज ठहरी रही। 31 जनवरी की रात एक परिचित युवक का फोन आने पर रेखा मोबाइल पर बात करते हुए घर से बाहर निकली थी। कुछ देर बाद कमला की चीख सुनकर गांव वाले दौड़े तो उसे आग की लपटों से घिरा देखा। बाइक पर दो नकाबपोश लोगों को भागते देखा गया। सीएचसी मेजा से रेफर किए जाने पर रेखा को शहर लाकर कॉल्विन अस्पताल में भर्ती किया गया। मेजा थाने में छात्रा के बाबा की तरफ से जलाकर हत्या की कोशिश और धमकी का केस लिखा गया। बाबा ने लिखकर दिया था कि रेखा टॉयलेट के लिए घर से निकली थी, तभी बाइक सवार दो लोगों ने उस पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी थी। 
पुलिस और डॉक्टरों की लापरवाही से रेखा का मजिस्ट्रेटी बयान आठ दिन बाद दर्ज कराया गया गया। शुक्रवार को हालत बिगड़ने पर उसे कॉल्विन से एसआरएन अस्पताल भेजा गया, लेकिन वहां आधी रात रेखा की सांस थम गई। थाना प्रभार मेजा पीएन मिश्रा ने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस की लापरवाही और उदासीनता का आलम यह है कि घटना के दो हफ्ते बाद भी पुलिस ने आग लगाने वालों का पता तक नहीं लगाया है। 
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