माघ मेला के चौथे प्रमुख स्नान पर्व पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। प्रशासन का अनुमान था कि 50 लाख लोग नहाने आएंगे, लेकिन भीड़ 55 लाख पहुंच गई। प्रशासन ने दावा किया शनिवार शाम चार बजे तक 55 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने वसंत पंचमी पर डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
वसंत पंचमी पर स्नान के लिए शुक्रवार देर रात से ही संगम सहित अन्य घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। शनिवार को दिन चढ़ने के साथ मेले में भीड़ बढ़नी शुरू हो गई। डीएम संजय कुमार और एसएसपी केएस इमैनुअल सहित कई अफसर घाटों पर व्यवस्था देखने में जुटे रहे। यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए रेलवे स्टेशनों पर सतर्कता और बढ़ाने और रोडवेज के अफसरों को कई दिशा-निर्देश भी दिए। परेड मैदान की ओर बड़े रहे वाहनों को अलोपीबाग के पास रोक दिया गया।
वसंत पंचमी पर माघ मेले में आए लाखों श्रद्धालुओं में पांच हजार से अधिक अपनों से बिछुड़ गए। हालांकि, भूले-भटके शिविर ने उन्हें अपनों से मिलवा दिया। शुक्रवार और शनिवार को देर रात तक मेला क्षेत्र में 5725 लोग अपनों से बिछुड़ गए। इसमें 15 बच्चे भी शामिल रहे।