माघ मेले के परेड ग्राउंड में सांस्कृतिक केंद्र के आयोजन ‘चलो मन गंगा यमुना तीर’ में लोक कलाओं और लोकगीतों की अनुपम छटा देखने को मिली। कार्यक्रम की शुरुआत गायिका यशस्वी गुप्ता ने ‘गाईये गणपति जगवंदन- शंकर सुवन भवानी के नंदन’ से की। इसके बाद ठुमरी ‘हमरी अटरिया पर आ जा रे सजनवा’ गीत गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मायत्री सिंह ने कजरी और देवी गीत गाकर समां बांध दिया। केवल कुमार ने लोकगायन, रामनरेश विश्वकर्मा, सुरेंद्र पटेल, अजय तिवारी और श्यामलाल पटेल ने लोकगीत प्रस्तुती देकर खूब तालियां लूटी।
जटाशंकर ने देवी को समर्पित चौलर नृत्य प्रस्तुत किया। मेनका मिश्र ने भजन ‘मेरे राम विनय भरा हृदय करे सदा प्रणाम’ और सूफी संगीत ‘छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाय के’ से जनसमूह को आनंदित किया। अमलेश शुक्ल ने ‘गंगा को बचाना है, जन-जन को जगाना है’ से तालियां बटोरी। इसके साथ ही शाद मस्तीय लोकनृत्य, चेराव लोकनृत्य, कोली नृत्य, जंगम लोकनृत्य और सरकाईलाम नृत्य की अलौकिक प्रस्तुति कलाकारों ने दी। अतिथियों स्वागत केंद्र निदेशक गौरव कृष्ण बंसल ने किया।