गाजियाबाद से पश्चिम बंगाल ले जाते समय एक बंदी ट्रेेन से कूदकर भाग निकला। गाजियाबाद की डासना जेल से बंदी को लेकर चार सिपाही पूर्वा एक्सप्रेस से हावड़ा जा रहे थे। प्रयाग स्टेशन के पास वह सिपाहियों को चकमा देकर ट्रेन से कूदकर भाग निकला। वाराणसी में ट्रेन के पहुंचने पर सिपाहियों ने बंदी के भागने की जानकारी अफसरों को दी।
सीओ जीआरपी इलाहाबाद ओपी सिंह ने बताया कि गाजियाबाद का मो. असलम लड़की के अपहरण समेत अन्य धाराओं में डासना जेल में बंद था। असलम को चार सिपाही डासना जेल से पश्चिम बंगाल में हावड़ा पेशी पर पूर्वा एक्सप्रेस से लेकर जा रहे थे। बुधवार सुबह लगभग पांच बजे बंदी सिपाहियों से बाथरूम जाने के लिए कहा। इसके बाद वह खिड़की से कूदकर भाग निकला। काफी देर तक बाथरूम के बाहर सिपाही उसका इंतजार करते रहे लेकिन जब वह बाहर नहीं निकला तो दरवाजे को धक्का देकर खोला गया। अंदर बंदी गायब था।
वहीं कुछ लोगों का कहना है सिपाही नींद में थे। इसका फायदा उठाकर बंदी भाग निकला। काफी खोजबीन के बाद भी बंदी का पता नहीं चला तो मामले की जानकारी पुलिस अफसरों को दी गई। सीओ जीआरपी ओपी सिंह ने बताया कि भागे बंदी और सिपाहियों के खिलाफ जीआरपी इलाहाबाद में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आसपास के जिलों की पुलिस पुलिस फोर्स को अलर्ट कर दिया गया है।