पिछले दो महीनों के दौरान जिले में तीन जगह बम मिल चुके हैं। बम रखने वालों और पुलिस के बीच चूहे-बिल्ली का खेल जारी है। लोगों के मन में दहशत फैलाने वाले खुलेआम घूम रहे हैं। अब तक यह भी पता नहीं लगाया जा सका है कि इन घटनाओं के पीछे किसका हाथ है। तीन दिन बाद मौनी अमावस्या का स्नान पर्व है। प्रशासनिक अफसर ही दावा कर रहे हैं कि मौनी अमावस्या के दिन यानी आठ फरवरी को एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु माघ मेले में पहुंच सकते हैं। जिले की सुरक्षा व्यवस्था कितनी चाक चौबंद हैं, बम मिलने की पिछली कुछ घटनाएं इसका जीता-जागता उदाहरण हैं। ऐसे में मौनी अमावस्या पर सुरक्षा प्रशासन और पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।
दो माह पहले मेजा में रेलवे लाइन के पास बम मिला था। जनवरी के अंतिम सप्ताह में महानगरी एक्सप्रेस में भी बम पाया गया और बृहस्पतिवार को मेजा रोड स्थित फ्लाईओवर पर बम रखा हुआ मिला। साथ ही धमकी भरा खत भी था। खत में रेल मंत्री के समक्ष कुछ मांगें रखी गई हैं और उन्हें पूरा करने के लिए 48 घंटे का वक्त दिया गया है, जिसकी मियाद छह फरवरी को पूरी हो जाएगी। मियाद पूरी होने के ठीक दो दिन बाद मौनी अमावस्या का स्नान पर्व है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के इलाहाबाद पहुंचने की संभावना है।
संभावित भीड़ के मद्देनजर ही रेलवे अतिरिक्त ट्रेनें चलाने जा रहा है और रोडवेज ने भी अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की है। मौनी अमावस्या पर सिर्फ मेला ही नहीं, शहर की सड़कें, रेलवे स्टेशन और बस अड्डे भी श्रद्धालुओं से खचाखच भरे रहेंगे। ऐसे में सुरक्षा की बात सिर्फ मेले तक ही सीमित नहीं रह जाती। शहर के प्रमुख मार्गों, बाजारों और रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों के आसपास भी चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की दरकार है, जो फिलहाल इन स्थानों पर अभी नजर नहीं आ रही। खासतौर पर तब, जब जिले में दो माह के भीतर तीन जगह बम मिलने की घटनाएं हो चुकी हैं।
‘माघ मेले में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं। मेले में आने-जाने वालों पर पैनी नजर रखी जा रही है। जगह-जगह वाहनों की चेकिंग हो रही है। सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। मेले के बाहर भी भीड़भाड़ वाले स्थानों सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है।’ केएस इमैनुएल, एसएसपी