स्मार्ट सिटी चयन के पहले परिणाम में बाहर होने के बाद नगर निगम ने फिर से इस प्रतियोगिता में शामिल होने की तैयारी शुरू कर दी है। इलाहाबाद को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए नगर निगम ने कई योजना बनाकर केंद्र सरकार को भेजी थी। इसके अलावा ऑनलाइन सुझाव आदि भी मांगें गए थे। इसी के आधार पर केंद्र सरकार ने पिछले दिनों स्मार्ट सिटी की घोषणा की लेकिन इसमें इलाहाबाद का नाम नहीं है। हालांकि अमेरिका इलाहाबाद को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए अपना काम जारी रखेगा।
निगम ने स्मार्ट सिटी के क्रम में रेट्रोफिटिंग के तहत कटरा मोहल्ले को नए सिरे से विकसित करने तथा पैन सिटी के रूप में शहर के ट्रैैफिक सिस्टम को दुरुस्त करने की योजना तैयार कर केंद्र को भेजा था। केंद्र की ओर से इलाहाबाद का चयन हो गया होता हो पांच वर्ष तक हर साल इस काम के लिए सौ करोड़ रुपये आवंटित होते लेकिन स्मार्ट सिटी चयन से बाहर होने पर निगम के साथ शहर को तगड़ा झटका लगा है। हालांकि निगम ने अभी हार नहीं मानी है। बताया जा रहा है कि जून में स्मार्ट सिटी के लिए केंद्र सराकर फिर से प्रस्ताव मांगने जा रही है। इसके लिए निगम के अफसर अभी से जुट गए हैं।
नगर आयुक्त देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव को नए सिरे से तैयार किया जाएगा। पूर्व में रह गई कमियों को दूर करके उसे केंद्र को भेजा जाएगा। उधर, नौ से 11 फरवरी के बीच में अमेरिकी टीम के विशेषज्ञ यहां फिर आ रहे हैं। टीम स्मार्ट सिटी पर तैयार अब तक की योजना पर कार्य के लिए नगर निगम अफसरों से राय मशविरा करेगी। इस दौरान टीम के सदस्य शहर के विभिन्न हिस्सों का दौरा भी करेंगे।