डीजीपी के आदेश पर लंबे समय से थानों में तैनात सिपाहियों को हटाने के आदेश पर अमल करते हुए एसएसपी ने तबादला आदेश जारी कर दिया है। बृहस्पतिवार रात जारी आदेश के तहत तकरीबन दो सौ सिपाहियों की तैनाती में बदलाव कर दिया। कई थानों और चौकियों के लगभग सभी सिपाहियों को हटा दिया गया। जनपद स्तर पर गठित स्थानांतरण बोर्ड के विचार-विमर्श के बाद जारी सूची में सबसे ज्यादा बदलाव नैनी और घूरपुर थाने और चौकियों से किया गया है। जेल रोड चौकी से चार सिपाही, एग्रीकल्चरल चौकी से 14 सिपाही और नैनी थाने से चार सिपाहियों को हटाया गया।
नैनी थाने के कांस्टेबल मोहर्रिर भैरवी नंदन को भी वहां से हटाकर घूरपुर थाना भेज दिया गया। इसी तरह, घूरपुर थाने से 15 और गौहनिया चौकी से छह सिपाहियों को दूसरे थानों-चौकियों पर स्थानांतरित कर दिया गया। घूरपुर थाने से एचीसीपी उदयनारायण सिंह को भी हटाकर शिवकुटी भेज दिया गया। नारीबारी चौकी से एचसीपी जाकिर अली को थाना दारागंज भेजा गया है। दरअसल, यमुनापार में नैनी और घूरपुर थाने तथा रीवा रोड की एग्रीकल्चर, गौहनिया और नारीबारी चौकी पर तैनाती के लिए सिपाहियों में बेहद खींचतान रहती है।
डीजीपी के आदेश के तहत, इन जमे सिपाहियों को हटाने की कवायद की गई। इस आदेश के तहत तमाम पैरोकार बदले गए तो थानों से सिपाहियों को हटाकर शाखाओं में भेजा गया। झूंसी, सिविल लाइंस, धूमनगंज, खुल्दाबाद, दारागंज, करेली, कीडगंज, शिवकुटी, कोतवाली, मेजा, फुलपुर समेत दो दर्जन से ज्यादा थानों से सिपाहियों को हटाकर दूसरे थानों में भेजा गया। नई तैनाती के लिहाज से पुलिस लाइन से बहुत से सिपाहियों को थाने-चौकी में तैनाती मिली।
डीजीपी के फरमान पर अमल के लिए एसएसपी केएस इमेनुएल ने सैकड़ों सिपाहियों के तबादले तो कर डाले लेकिन वह थानोें में जमे कारखास सिपाहियों को हटाने में नाकाम रहे। सत्ताधारी नेताओं और कई अफसरों की चापलूसी करने वाले इन कारखास सिपाहियों पर एसएसपी का चाबुक नहीं चल सका। इलाके में जुआ-सट्टा समेत दूसरे अवैध धंधों से धन उगाही कर थानेदार तक पहुंचाने और खुद लाखों रुपये महीना घर ले जाने वाले कई सिपाही इस आदेश में भी तबादले से बच गए। शहर के खुल्दाबाद, करेली, कीडगंज, सिविल लाइंस, जार्जटाउन इलाके में जमे कारखास सिपाहियों की सरपरस्ती में कई जगह जुआ-सट्टा चल रहा है मगर एसएसपी ने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया।