नाजायज रिश्ते में रोड़ा बनी पत्नी की बर्बरता पूर्वक हत्या करने वाले पति को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। हत्याकांड की जांच और मृत पत्नी की बहन की गवाही से सामने आया कि पति ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए पत्नी को बड़ी बेरहमी से मौत के घाट उतारा था। कोर्ट ने अभियुक्त को दस हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। सजा का आदेश एडीजे रामकुशल ने दिया। एडीजीसी राजेश कुमार गुप्ता ने अभियुक्त के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत किए।
घटना शकंरगढ़ थाने के ककरहा लोनीपार की है। वादी प्रेमचंद केवट ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बहन माया देवी की मृत्यु 30 अगस्त 2009 को अज्ञात कारणों से हो गई है। विवेचना बाद पुलिस ने मृतका के पति रामनरेश के खिलाफ उत्पीड़न ,मारपीट और गैर इरादतन हत्या में आरोप पत्र भेजा । भाई सहित कई गवाह अपने बयान से मुकर गए, लेकिन मृतका की बड़ी बहन प्रभावती ने अभियोजन कथानक का समर्थन किया। प्रभावती इस घटना की चश्मदीद थी। उसने कोर्ट वह मंजर बताया कैसे रामनरेश ने बर्बरता पूर्वक मायादेवी को मौत के घाट उतारा। अभियुक्त पर अपनी पत्नी की पिटाई कर गंभीर चोट पहुंचाने और जबरन जहर पिला कर मारने का आरोप साबित हो गया। उसके क्रूर कृत्य को देखते हुए अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई।