इलाहाबाद (ब्यूरो)। इलाहाबाद विकास प्राधिकरण ने बृहस्पतिवार को अशोक नगर के मऊसरैया एवं नेवादा के कछारी क्षेत्रों में अवैध निर्माण के खिलाफ ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) से प्रभावित मऊसरैया में कार्रवाई के दौरान कुछ अधिवक्ताओं ने भारी विरोध किया। पुलिस फोर्स न होने के कारण एडीए अफसरों को यहां से पीछे हटना पड़ा। हालांकि यहां के भवनों पर ध्वस्तीकरण और सीलिंग का नोटिस चस्पा किया गया।
कार्रवाई में 20 स्थानों पर प्लाटों की चहारदीवारी गिराई गई, जबकि 12 निर्माणाधीन भवनों को सील किया गया। यहां अवैध प्लाटिंग करने वालों को सचेत करने के साथ आम लोगों को प्लाट न खरीदने की चेतावनी दी गई।सचिव वंदना त्रिपाठी, जोनल अधिकारी पुष्कर श्रीवास्तव, प्रभारी प्रवर्तन सत शुक्ला के नेतृत्व में एडीए का दस्ता दिन में मऊसरैया पहुंचा।
कैंट थाने से बिना पुलिस फोर्स के ही दस्ते ने वहां ध्वस्तीकरण शुरू कर दिया। कछार में कई प्लाटों पर बनी चहारदीवारी गिराई गई, इस बीच वहां कुछ अधिवक्ता पहुंच गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे। इसे लेकर अफसरों से तीखी बहस भी हुई। पुलिस फोर्स न होने के कारण यहां ध्वस्तीकरण रोकना पड़ा। इस बीच कई भवनों में नोटिस चस्पा किया गया। इसके बाद दस्ता नेवादा पहुंचा। यहां भी लोगों ने विरोध किया लेकिन एडीए के पुलिस बल ने स्थिति संभाल ली।
इस बीच जेसीबी लगाकर 20 प्लाटों पर बनी चहारदीवारी गिराई गई। 12 निर्माणाधीन भवनों को सील करने के साथ निर्माण से जुड़ी सामग्री जब्त की गई। इस दौरान अफसरों ने यहां जमीन न खरीदने की अपील की। निर्माणकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करने को कहा। जेडओ ने बताया कि यहां प्लाटिंग करने वालों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। पुलिस फोर्स मिलने पर फिर ध्वस्तीकरण का निर्णय लिया गया। कार्रवाई में जेई अनिल कुमार सिंह, जयशंकर सिंह, राजेंद्र पांडेय, रवींद्र शुक्ला, बीआई आरएन आजाद, योगेंद्र राय, एसपी सिंह, घनश्याम तिवारी, कुंवर सिंह शामिल थे।