कीडगंज के कृष्णानगर मोहल्ले में शनिवार दोपहर एक बीमा एजेंट ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। काफी देर तक उसके कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो घरवाले परेशान हो गए। रोशनदान से झांका तो अंदर का नजारा देखा तो पता चला। कीडगंज पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन बीमा एजेंट ने फांसी लगाने की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई। आशंका है कि मानसिक तनाव के चलते उसने ऐसा कदम उठाया।
कीडगंज के कृष्णानगर मोहल्ले के रहने वाले सुशील कुमार श्रीवास्तव रिटायर कर्मचारी हैं। उनके दो बेटियां हैं जबकि इकलौता बेटा मनीष श्रीवास्तव (32) एक बीमा कंपनी में एजेंट था। सुशील परिवार के साथ लखनऊ रहते हैं। जबकि मनीष अकेले यहां रहता है। वह 13 अगस्त को घर लौटा था। उसके बाद अपने कमरे में चला गया था। शनिवार को उसके कमरे से बदबू आने लगी तो बगल में रहने वाले परिवार के लोग परेशान हो गए। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। जब रोशनदान से झांका तो अंदर मनीष का शव पंखे के चुल्ले से लटक रहा था। कीडगंज पुलिस पहुंची तो दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा गया। सूचना पर मनीष के माता-पिता पहुंचे। पीएम रिपोर्ट में फांसी से मौत की बात सामने आई है। वह अविवाहित था। कमरे से सुसाइड नोट नहीं मिला है।