जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव और शपथ ग्रहण समारोह पूरा होने के बाद अब ब्लॉक प्रमुख के पद के लिए जंग तेज हो गई है। ब्लॉक प्रमुख के चुनाव की तारीख करीब आते ही सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। ऐसे में संभावित प्रत्याशियों ने अपने स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रमुखी के लिए बोली लगाए जाने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। कहीं एक लाख कहीं डेढ़ से दो लाख रुपये तक की बोली लगाकर क्षेत्र पंचायत सदस्यों को अपने खेमे में शामिल करने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं।
पिछली बार एक ही माह (दिसंबर) में जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख का चुनाव हो गया था जबकि ब्लॉक प्रमुख का शपथ ग्रहण समारोह तीन माह बाद यानी मार्च के महीने में हुआ था। इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव तो जनवरी के पहले हफ्ते में हो गया लेकिन ब्लॉक प्रमुख चुनाव के लिए अधिसूचना जारी होने का सबको इंतजार है। हालांकि निर्वाचन आयोग ने सरकार के समक्ष 28 जनवरी को चुनाव कराने का प्रस्ताव रखा है। ऐसे में संभावित प्रत्याशियों के पास तैयारियों के लिए समय बहुत कम बच है। चुनाव की तैयारियों के लिए मिले इस वक्त का संभावित प्रत्याशी पूरा फायदा उठा लेना चाहते हैं।
चुनाव जीतने के लिए कहीं दंबगई तो कहीं पैसे का जोर आजमाया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक यमुनापार के ब्लॉकों में वोट के लिए क्षेत्र पंचायत सदस्यों के सामने एक से डेढ़ लाख रुपये का ऑफर रखा गया है तो गंगापार में दो से तीन लाख रुपये तक का ऑफर दिया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि जिन ब्लॉकों में सत्ता पक्ष की हनक है, वहां बोली कम लगाई जा रही है और जहां सिर्फ पैसे के बल पर चुनाव होना है वहां बोली दो से तीन लाख रुपये तक पहुंच रही है। भीतर ही भीतर डराने-धमकाने का दौर भी चल पड़ा है। संभावित प्रत्याशी वोट के लिए किसी भी कीमत पर क्षेत्र पंचायत सदस्यों को अपने खेमे में शामिल करना चाहते हैं और हर तरह के हथकंडे पर काम कर रहे हैं।