जिले में परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों ने 2011 तक चयनित शिक्षकों को पदोन्नति देने की मांग की है। आदर्श शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन का कहना है कि अक्तूबर 2008 से सितंबर 2009 के बीच नौकरी पाने वाले मात्र 108 शिक्षकों को पदोन्नति दी गई है। शिक्षकों का कहना है कि जिले में प्रधानाचार्यों के पद रिक्त होने के बाद भी 2011 तक चयनित शिक्षकों को पदोन्नति नहीं दी जा रही है।
संघ के अध्यक्ष डॉ. रुद्र प्रभाकर मिश्र का कहना है कि जिले में विज्ञान-गणित के कुल 676 पदों पर भर्ती की गई है, इसके बाद भी 1352 पद रिक्त हैं। जिले में प्राथमिक विद्यालय एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के कुल 2028 पद रिक्त हैं, इसके बाद भी पदोन्नति नहीं दी जा रही है। शिक्षकों का कहना है कि पदोन्नति नहीं दिए जाने पर उन्हें सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू किए जाते समय नुकसान हो सकता है। शिक्षकों का कहना है कि सचिव बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से पदोन्नति के पांच वर्ष के बजाय तीन वर्ष अनुभव कर दिया गया है तो पदोन्नति से आखिर आनाकानी क्यों हो रही है। पदोन्नति की मांग करने वालों में रत्नेश शुक्ल, राजेश मिश्र, ओपी त्रिपाठी, वसुंधरा शामिल रहे।