इलाहाबाद हार्ट सेंटर पर एक मरीज की जान बचाने के लिए एक नई थेरेपी अपनाई गई। 60 वर्षीय महिला मरीज हार्ट अटैक की चपेट में थी। उसके हार्ट की कोरोनरी साइनस वेन भी ब्लाक हो गई थी। मरीज के उपचार के लिए कार्डियक रिसिक्रोनाइजेशन थेरेपी से किया गया। मरीज का ऑपरेशन सौ फीसदी सफल रहा।
उक्त बातें सेंटर के इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी के निदेशक डॉ. उमर हसन ने प्रेस क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में बताई।
डॉ. हसन ने कहा कि कार्डियक रिसिक्रोनाइजेशन थेरेपी से मरीज में होने वाली गड़बड़ियों की पहचान की गई।
इलेक्ट्रिसिटी की छोटी नाड़ियों के पंप करने और हार्ट की पंपिंग क्षमता को बढ़ाने के लिए कॉलरबोन के ठीक नीचे एक छोटो बायवेंट्रिकुलर पेसमेकर डिवाइस प्रत्यारोपित किया गया। इससे मरीज की हार्टबीट बढ़ने के साथ रक्तप्रवाह की क्षमता भी बढ़ गई। उन्होंने दावा किया कि हार्ट की अपने आप में यह अनूठी सर्जरी है। ऐसी सर्जरी दिल्ली में हुआ करती हैं। इसमें उनका सहयोग जर्मनी के विजिटिंग एक्सपर्ट डॉ. डेटमार स्मित्ज ने किया।