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आता रहा रेला, सजता गया मेला

Thu, 14 Jan 2016 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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संगम की रेती पर लगे माघ मेले के पहले मुख्य स्नान पर्व मकर संक्रांति की पुण्यकाल के मुताबिक डुबकी शुक्रवार को लगेगी लेकिन पारंपरिक तिथि पर बृहस्पतिवार को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। प्रशासन के दावे के मुताबिक बृहस्पतिवार को तकरीबन 18 लाख स्नानार्थियों ने संगम सहित गंगा और यमुना के विभिन्न घाटों पर स्नान किया। संक्रांति पर डुबकी के लिए मेले में स्नानार्थियों और कल्पवासियों के आने का क्रम देर रात तक जारी रहा। श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से हुई बढ़ोतरी से मेले में रौनक रही।
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फिलहाल मेला प्रशासन की असली परीक्षा शुक्रवार को होगी। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश और पुण्य काल में मकर संक्रांति की डुबकी के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटेंगे। स्नानार्थियों के लिए संगम सहित गंगा और यमुना पट्टी में चौदह घाट तैयार कराए गए हैं। इसके लिए प्रशासन ने स्नान घाटों पर तैयारियां पूरी कर ली हैं। मेला क्षेत्र में स्नानार्थियों के लिए  7260 रनिंग फीट में कुल 14 स्नान घाट तैयार किए गए हैं।

इनमें संगम घाट पर सबसे लंबा 2000 रनिंग फीट का दायरा है। अन्य घाटों में अरैल घाट, राम घाट, महावीर स्नान घाट, दशाश्वमेघ घाट, काली से त्रिवेणी मार्ग के बीच, त्रिवेणी मार्ग के दक्षिण, अक्षयवट मार्ग के दक्षिण, संगम लोवर मार्ग स्नान घाट, काली मार्ग के उत्तर शास्त्री पुल तक, शास्त्री पुल से मोरी मार्ग के दक्षिण, मोरी मार्ग के उत्तर रेलवे पुल तक, गंगोली शिवाला मार्ग से रेलवे पुल के बीच और गंगोली शिवाला मार्ग से जीटी रोड के बीच का घाट शामिल है।
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बृहस्पतिवार को डीएम संजय कुमार एवं एसएसपी केएस इमैनुएल ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। साथ ही साधु-संतों, श्रद्धालुओं एवं किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर मेले की व्यवस्था के बारे में जानकारी हासिल की। इस दौरान डीएम ने घाटों पर कांसा बिछाए जाने और अन्य व्यस्थाओं में मिलीं खामियों को तत्काल दूर किए जाने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए।

संगम क्षेत्र के विभिन्न स्नान घाटों पर भीड़ बढ़ते ही मेले में अपनों से बिछड़ने का सिलसिला भी शुरू हो गया। शाम तक मेला क्षेत्र में दो बच्चों सहित 50 स्त्री-पुरुष अपने परिजनों से बिछुड़कर त्रिवेणी मार्ग स्थित भूले भटके शिविर में पहुंचे, जहां उन्हें उनके परिजनों से मिलाया गया।
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