इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष के निर्वाचन को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। दूसरे स्थान पर रहे रजनीश सिंह ऋषू की शिकायत पर कुलपति प्रोफेसर रतनलाल हंगलू ने सच्चाई जानने के लिए कमेटी गठित कर दी है। कमेटी विधि के प्रोफेसर आरके चौबे की अध्यक्षता में बनाई गई है।
छात्रसंघ चुनाव में इस बार कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले। मतदान से एक दिन पहले रजनीश का नामांकन रद्द कर दिया गया था। वह भी आधी रात को। इसके अलावा मतदान के लिए छपे ओएमआर शीट में उनका उपनाम ऋषू भी नहीं छपा था। रजनीश अध्यक्ष चुनी गईं ऋचा सिंह से मात्र 11 वोट से पीछे रह गए थे। इसके विरोध में रजनीश ने ग्रीवांस सेल से शिकायत की थी। इस पर ग्रीवांस सेल ने भी चुनाव में नियमों का पालन न होने की बात कही थी। रजनीश ने बुधवार को कुलपति से फिर इस बाबत शिकायत की और सभी साक्ष्य उपलब्ध कराए। कुलपति प्रोफेसर रतनलाल हंगलू ने बताया कि रजिस्ट्रार तथा अन्य अफसरों से चुनाव से संबंधित सभी मीटिंग के मिनट्स मंगाए गए हैं। प्रथम दृष्टतया कुछ गड़बड़ी लगी।
इसलिए प्रोफेसर आरके चौबे की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। उनसे लिंगदोह समिति की संस्तुतियों और विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव नियमावली के अंतर्गत सच्चाई जानने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रोफेसर आरके चौबे ने बताया कि सभी पहलुओं पर विचार करने के साथ संबंधित पक्षों को बात रखने का मौका दिया जाएगा।
जांच लिंगदोह समिति की संस्तुतियों और विश्वविद्यालय की नियमावली के दायरे में होगी। इसके विपरीत ऋचा सिंह का कहना है कि कुलपति से उनकी भी बात हुई है। उन्हाेंने इस तरह की कोई कमेटी नहीं बनाई है। ऋचा का यह भी कहना है कि मामला हाईकोर्ट में है। इसलिए विश्वविद्यालय प्रशासन इस तरह की कोई कमेटी नहीं बना सकता।