वाराणसी में वरुणा और अस्सी नदियों को भूमाफिया पाट रहे हैं। नदियों के मार्ग की भूमि पर बहुमंजिला इमारतों, स्कूल आदि का निर्माण कर लिया गया है। हाईकोर्ट ने इस अवैध अतिक्रमण पर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। वाराणसी के साकेत कुमार ने जनहित याचिका दाखिल कर यह मामला हाईकोर्ट के समक्ष उठाया है। याचिका पर संज्ञान लेते मुख्य न्यायमूर्ति डॉ. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ ने नौ फरवरी तक इस मामले में जवाब तलब किया है।
याची के वकील सीमांत सिंह के अनुसार वाराणसी में वरुणा और अस्सी पौराणिक नदियां हैं। अवैध कब्जे, अतिक्रमण के कारण नदियां लगभग सूखकर नाले में तब्दील हो चुकी हैं। इनको बचाना आवश्यक है। नदियों का महत्व इस बात से समझा जा सकता है कि वाराणसी का नाम इन दो नदियों को मिलाकर पड़ा है। वीडीए के मास्टर प्लान में वरुणा और अस्सी नदियों के प्रवाह क्षेत्र को हरित पट्टी घोषित किया गया है। वरुणा से 50 और अस्सी से 100 मीटर के क्षेत्र में कोई निर्माण नहीं हो सकता है। इसके बावजूद वहां भूमाफिया कब्जा कर मकान बना रहे हैं। कोर्ट ने नौ फरवरी तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।