फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मकरसंक्रांति के साथ माघ मेला शुरू, लाखों लगाएंगे डुबकी

Wed, 13 Jan 2016 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
 माघ मेला में मकर संक्रांति का मुख्य स्नान पर्व शुक्रवार को है। पारंपरिक तिथि के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु बृहस्पतिवार को डुबकी लगाएंगे। मेला प्रशासन की ओर से मेला क्षेत्र में आने वाले कल्पवासियों, श्रद्धालुओं और सन्यासियों के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इस बार किला के वीआईपी घाट से लेकर संगमक्षेत्र होते हुए दारागंज तक स्नान के लिए कुल 14 घाट (7260 रनिंग फिट) बनाए गए हैं।
विज्ञापन


स्थानानार्थियों के लिए संगम पर विशेष व्यवस्था की गई है। मेला प्रशासन का दावा है कि मकरसंक्राति पर 25 लाख से अधिक लोग स्नान करेंगे। डीएम संजय कुमार, एसएसपी केएस इमेनुएल सहित कई अधिकारियों ने तैयारियों के मद्देनजर बुधवार को मेला क्षेत्र का निरीक्षण भी किया। उन्होंने सुधार के निर्देश भी दिए। मेला से जुड़े विभाग बिजली, पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, रेलवे, डाक विभाग सहित सभी विभाग अपनी-अपनी ओर से तैयारी पूरी किए जाने का दावा कर रहे हैं।

 संगम घाट पर स्नानार्थियों के लिए बैरिकेटिंग के साथ घाटों पर बोरियों की लाट लगाई गई है। स्नान के बाद कपड़े बदलने के लिए पुआल (कांसा) बिछाया गया है। महिलाओं के कपड़े बदलने के लिए चेंजिंग रूम बनाया गया है। स्नानार्थियों की सुरक्षा के लिए जल पुलिस भी तैनात की गई। स्नानार्थियों को बैरीकेटिंग के आगे जाकर स्थान करने की पाबंदी लगाई गई है। संगम के साथ स्नानार्थियों के लिए अरैलघाट, रामघाट, महावीर जी(गंगा के पश्चिम), दशाश्वमेघ घाट, काली से त्रिवेणी के बीच, त्रिवेणी मार्ग के दक्षिण, अक्षयवट मार्ग के दक्षिण, संगम लोवर, काली मार्ग, शास्त्री पुल, मोरी मार्ग, गंगोली शिवाला मार्ग, गंगोली शिवाला मार्ग से जीटी रोड के मध्य स्नान घाट बनाए गए हैं। बुधवार को डीएम संजय कुमार ने घाटों का निरीक्षण किया और व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए।
विज्ञापन

 
मेला प्रशासन ने दावा किया है कि स्नानार्थियों को स्नान में कोई दिक्कत नहीं होगी। टिहरी और नरोरा बांध से छोड़ा गया चार हजार क्यूसके पानी यहां पहुंच आया है। कटान रोकने के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है। नेटवर्क के लिए बीएसएनएल की ओर से संचार सुविधाओं को बहाल कर दिया गया है। मेला क्षेत्र के मुख्य प्रवेश मार्ग पर एक स्वागत कक्ष बनाया गया है। स्वागत कक्ष में एक वरिष्ठ अधिकारी की तैनाती की गई है, जो तीर्थयात्रियों को जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ पम्पलेट बांटकर गंगा को स्वच्छ बनाने का संदेश भी देंगे।

 मेला क्षेत्र में खाक चौक  क्षेत्र में बसावट का कार्य नहीं हो पाया। साधु-संतों में आपसी मतभेद होने से यह कार्य नहीं पूरा हो पाया है। इस मामले को लेकर संत न्यायालय में भी गए हुए हैं।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें