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चहेतों को उपकृत करने के साधन बने भर्ती आयोग

Mon, 15 Jun 2015 12:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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राज्य के भर्ती आयोग चहेतों को उपकृत करने का साधन बन गए हैं। ताजा माला उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड का है। यहां गत अप्रैल में तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. परशुराम पाल को उनकी नियुक्ति के छह महीने के भीतर ही हटा दिया गया और उनसे इस्तीफा ले लिया गया। अब सदस्य के रूप में पद ग्रहण करने वाले दो सदस्यों डॉ. पंकज राय और डॉ. केडी सिंह को उनकी नियुक्ति के तीसरे ही दिन लखनऊ जाकर इस्तीफा देना पड़ा। सवाल उठता है कि 11 जून को पद ग्रहण करने वाले सदस्य 12 जून को प्रधानाचार्य के साक्षात्कार में शामिल होते हैं और अगले ही दिन यानी 13 जून को त्यागपत्र देकर बोर्ड से हटने की घोषणा कर देते हैं। सरकार के इस कदम से प्रतियोगियों में नाराजगी है। भर्ती आयोगों में अनियमितता के खिलाफ प्रतियोगी सड़क पर आंदोलन के साथ कानूनी लड़ाई भी लड़ रहे हैं।
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 उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा आयोग, उच्चतर शिक्षा सेवा चयन अब उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में नियुक्त होने वाले अध्यक्ष-सदस्य सत्ताधारी दल के कृपापात्र होते रहे हैं। माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के सूत्रों की मानें तो यदि कोई भी सदस्य सत्ताधारी दल के ढांचे में फिट नहीं बैठता है तो उसे चलता किया जाता है। इससे पहले प्रदेश सरकार के एजेंडे के इतर माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में डॉ. परशुराम पाल अध्यक्ष नियुक्त होते हैं और इमानदारी से काम करते हैं तो प्रदेश में सत्ताधारी दल के एजेंडे को आगे बढ़ाने वाले पूर्व सदस्य उनके खिलाफ हो जाते हैं। इसके बाद उनको अप्रैल में लखनऊ बुलाकर इस्तीफा ले लिया जाता है। वहीं 11 जून को पद ग्रहण करने वाले दो सदस्य एक दिन काम करने के बाद 13 जून को शासन में जाकर इस्तीफा देते हैं। कारण बताया जाता है कि पारिवारिक कारणों से उन्होंने इस्तीफा दिया। सवाल उठता है कि यदि उनके साथ पारिवारिक कारण थे, तो उन्होंने एक दिन पहले सदस्य का पद ग्रहण कैसे किया था। चयन बोर्ड के सूत्र बताते हैं कि चयन बोर्ड के सदस्य एवं अध्यक्ष पद पर  रहे सत्ताधारी दल के लोगों के दबाव में नए सदस्यों से इस्तीफा लिया गया है।
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