शहर का पॉश इलाका सिविल लाइंस हो या घनी आबादी वाला मुट्ठीगंज क्षेत्र, यहां बिछाई जा रही सीवर लाइन लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। अल्लापुर से लेकर सलोरी और वहां से गोविंदपुर, शिवकुटी तक का यही हाल है। सड़क, गलियों में जगह-जगह मिट्टी का ढेर और उससे उड़ती धूल, दुर्घटना और बीमारी का सबब बन रही हैं। खोदाई की वजह से मुख्य मार्गों के किनारे स्थित घर धूल धूसरित हैं। सड़क, गलियों में मिट्टी के कारण जाम की समस्या भी गंभीर हो गई है।
गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की ओर से वर्ष 2012 में सिविल लाइंस में महात्मा गांधी मार्ग पर हाईकोर्ट चौराहा से पत्थर गिरजाघर, सुभाष चौराहा, हनुमान मंदिर चौराहा होकर मेडिकल चौराहे तक सीवर लाइन बिछवाई गई। महात्मा गांधी मार्ग से जुड़ी लिंक सड़कों पर तब ब्रांच सीवर लाइन नहीं बिछाई गई। इसके लिए इकाई के अफसर चार वर्ष बाद जागे, वह भी तब जब एडीए ने सिविल लाइंस के सौंदर्यीकरण का काम शुरू कराया और इकाई से तत्काल ब्रांच सीवर लाइन बिछाने को कहा ताकि महात्मा गांधी मार्ग नए सिरे से बनने के बाद दोबारा न खोदी जाए।
गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई ने बिना किसी सूचना के लिंक सड़कों की खोदाई शुरू करा दी। ब्रांच सीवर लाइन बिछाने के लिए महात्मा गांधी मार्ग पर होटल हर्ष चौराहे से लेकर लोहिया मार्ग, क्लाइव रोड, स्ट्रैची रोड को नवाब यूसुफ रोड क्रासिंग से कानपुर रोड क्रासिंग तक खोद डाला गया। करीब 20 दिनों से चल रहे इस काम की वजह से सिविल लाइंस का बड़ा हिस्सा धूल धूसरित है। लिंक सड़कों पर जगह-जगह मिट्टी के ढेर से जाम लग रहा है। इससे उड़ती धूल यहां कार्यालयों, दुकानों, घरों के लिए मुसीबत बन गई है। इन हिस्सों में खड़े होने वाले चारपहिया वाहनों पर भी धूल की परत चढ़ जाती है। धूल की वजह से लोगों का कार्यालयों, दुकानों, घरों में उठना, बैठना मुश्किल हो गया है।
सीवर लाइन बिछाने के लिए हो रही सड़क, गलियों की खोदाई से अल्लापुर से लेकर गोविंदपुर तक लोग परेशान हैं। यहां के करीब 21 मोहल्लों में सीवर लाइन बिछाने का काम करीब डेढ़ माह पहले शुरू हुआ था। अल्लापुर में रामानंद नगर, सर्वोदय नगर, डंडिया, शिवनगर, किदवई नगर, बाघम्बरी गद्दी, शिवाजी नगर, न्यू सोहबतियाबाग मोहल्लों में सीवर लाइन बिछाई जा रही है। इसी तरह सलोरी, सादियाबाद, कैलाशपुरी, ओम गायत्री नगर, शुतुरखाना, गल्ला बाजार, बड़ी बगिया, लाला की सराय, स्वराज नगर, भुलई का पुरवा, चिल्ला, शिवकुटी लेकर गोविंदपुर तक काम जारी है।
इकाई ने यह काम जिस कंपनी को दिया है, उसने छोटे-छोटे ठेकेदारों को सीवर लाइन बिछाने की जिम्मेदारी दे दी। अनुभवहीन ठेकेदार इन मोहल्लों की सड़क, गलियों में बेतरतीब खोदाई करा रहे हैं। सैकड़ों घरों के सामने मिट्टी का ढेर लग गया है।
इसकी वजह से वहां रहने वालों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। हफ्तों तक मिट्टी पड़ी रहने से सड़कों पर जाम लग रहा है। सड़कों से वाहन गुजरने पर वहां पड़ी मिट्टी से जबरदस्त धूल उड़ रही है। इससे घरों में गंदगी तो फैल ही रही है, धूल से ज्यादा समस्या बुजुर्ग, बच्चों और महिलाओं को हो रही है। इन क्षेत्रों में ज्यादातर लोगों को सांस की तकलीफ बढ़ गई है। चौतरफा धूल से घरों में सफाई कराना भी बड़ी मुसीबत बन गया है।
मुट्ठीगंज में सीवर लाइन बिछाने का काम लोगों के लिए भारी मुसीबत लेकर आया है। यहां महावीर गली, राजा बारा का हाता, विजयपुर कोठी, गांधी नगर, आर्य नगर में सीवर लाइन बिछ रही है। काम में लगे ठेकेदार खोदाई में निकलने वाली मिट्टी का ढेर लोगों के घरों के सामने ही लगा दे रहे हैं। क्षेत्रीय पार्षद नीरज गुप्ता का कहना है कि इकाई ने जिस कंपनी को काम दिया है, वह ठेकेदारों को पाइप आदि सामान भी समय से नहीं उपलब्ध करा पा रही है। ऐसे में काम काफी धीमी गति से हो रहा है। गलियों में फैली मिट्टी लोगों के घरों में जा रही है लेकिन इसे लेकर इकाई और कंपनी जरा भी गंभीर नहीं हैं।
सड़कों पर मिट्टी के ढेर से लोगों का राह चलना दूभर है। जिन सड़कों पर सीवर लाइन बिछाई जा रही है, वहां बड़ी मात्रा में मिट्टी फैली है। इस बीच उधर से चारपहिया वाहन के गुजरने ही जबरदस्त धूल उड़ती है। इससे पीछे और बगल से आने वाले वाहन चालकों को काफी दिक्कत हो रही है। ज्यादा समस्या दोपहिया वाहन से चलने वालों को है। जबरदस्त धूल से कई बार उन्हें वाहन रोक कर खड़े होना पड़ता है।