सपा प्रत्याशी रेखा सिंह लगातार दूसरी बार जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचित हुईं। उन्होंने 83 फीसदी मतों पर कब्जा करते हुए अपनी नजदीकी प्रतिद्वंद्वी बसपा प्रत्याशी केशरी देवी पटेल को 63 मतों से करारी शिकस्त दी। वहीं, अपना दल प्रत्याशी को महज दो मतों से संतोष करना पड़ा। अपराह्न साढ़े तीन बजे परिणाम सामने आते ही सपाइयों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया और जमकर पटाखे फोड़े। जीत के बाद रेखा सिंह ने आने वाले समय में जिला पंचायत की ओर से लागू की जाने वाली योजनाएं साझा कीं तो बसपा प्रत्याशी ने चुनाव में पक्षपात का आरोप लगाते हुए सपा पर निशाना साधा।
मतदान बृहस्पतिवार दिन में 11 बजे शुरू हुआ। छावनी बने जिला पंचायत परिसर में तगड़ी सुरक्षा के बीच शांति के साथ दोपहर सवा दो बजे मतदान पूरा हुआ। इस बीच जिला पंचायत परिसर के भीतर और बाहर चहलकदमी कर रहे कुछ संदिग्धों से पुलिस ने पूछताछ की और कुछ को उठा लिया, जिन्हें मतदान पूरा होने के बाद छोड़ा गया। चार निरक्षर वोटरों को मतदान के लिए सहायक/साथी उपलब्ध कराए गए। चुनाव में शत प्रतिशत वोट पड़े यानी सभी 90 जिला पंचायत सदस्यों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान शुरू होने के आधा घंटे बाद 11.30 बजे तक 16 वोट पड़ गए थे। दोपहर डेढ़ बजे तक 65 और दो बजे तक 89 वोट पड़े गए जबकि अंतिम वोट सवा दो बजे पड़ा।
दोपहर तीन बजे मतगणना शुरू करा दी गई। साढ़े तीन बजे तक परिणाम सामने आ गए। सपा प्रत्याशी रेखा सिंह ने 75 वोट हासिल कर एकतरफा जीत दर्ज की। वहीं, बसपा से केशरी देवी पटेल को 12 और अपना दल प्रत्याशी बबिता सिंह को महज दो वोट मिले। एक मत अवैध घोषित किया गया। डीएम संजय कुमार ने रेखा सिंह को जिला पंचायत अध्यक्ष बनाए जाने का प्रमाणपत्र सौंपा। बता दें कि इलाहाबाद में जिला पंचायत सदस्यों की कुल 92 सीटें हैं। चुनाव के बाद एक जिला पंचायत सदस्य की मौत हो गई थी जबकि नवनिर्वाचित रेखा सिंह मांडा में दो सीटों से चुनाव लड़ी थीं और दोनों जगह से जीती थीं। ऐसे में दो सीटें रिक्त हो गईं और जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में 90 वोटर रह गए।