विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने क्रेडिट बेस्ड च्वॉयस सिस्टम (सीबीसीएस) के अंतर्गत स्नातक के 107 विषयों का सिलेबस तथा परीक्षा प्रारूप तैयार किया है। विशेषज्ञों की सलाह से तैयार सिलेबस का मकसद है कि देश के सभी विश्वविद्यालय बिना किसी बाधा और कठिनाई के स्नातक एवं परास्नातक पाठ्यक्रमाें में सीबीसीएस को लागू कर सकें। पाठ्य सामग्री में भी समरूपता की पहल की गई है। आयोग ने सभी विश्वविद्यालयों को 70 फीसदी सिलेबस एक करने को कहा है।
आयोग ने स्नातक और परास्नातक के सभी तरह के पाठ्यक्रमों में सीबीसीएस अनिवार्य कर दिया है लेकिन इलाहाबाद विश्वविद्यालय समेत कई संस्थानाें में अब तक इसे पूरी तरह से लागू नहीं किया जा सका है। इसके पीछे शिक्षकों की कमी समेत अनेक कारण बताए जा रहे हैं। इसके अलावा पाठ्यक्रम तथा परीक्षा प्रारूप में एकरूपता नहीं होने की बात भी है। सीबीसीएस के तहत विद्यार्थी दूसरे विषयों से भी क्रेडिट जुटा सकते हैं। पढ़ाई के दौरान संस्थान बदलने की भी सुविधा है। सिलेबस तथा परीक्षा प्रारूप में एकरूपता नहीं होने से अड़चन की बात कही जा रही थी। इसके मद्देनजर यूजीसी ने स्नातक के 107 पाठ्यक्रमों का आदर्श और विस्तृत पाठ्य विवरण तैयार किया है।
यूजीसी के अध्यक्ष प्रोफेसर वेद प्रकाश की ओर से विश्वविद्यालयाें को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि इसे तैयार करने में विशेष प्रकार के विश्वविद्यालयाें तथा क्षेत्र विशेष का भी ध्यान रखा गया है। सत्तर फीसदी पाठ्यचर्या में एकरूपता से विद्यार्थियाें के संस्थान बदलने में सुविधा के साथ उच्च शिक्षण संस्थानों में क्रेडिट का स्थानांतरण और उसकी मान्यता सुनिश्चित हो सकेगी। मॉडल के तौर पर पाठ्यक्रमों का विवरण यूजीसी की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी गई है।