नगर निगम के अस्पतालों में सोलर वाटर हीटर लगाने के नाम पर फर्जी टेंडर और इसके लिए दिल्ली की एक कंपनी से 2.50 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इस ठगी में नगर निगम के कर्मचारियों की मिलीभगत का भी अंदेशा है, क्योंकि ठगी करने वाले दो व्यक्तियों के पूरी डील निगम के एकाउंट सेक्शन में बैठ कर की। कंपनी के अफसरों ने बुधवार को नगर निगम में महापौर और अपर नगर आयुक्त को घटना से अवगत कराया। महापौर ने अपर नगर आयुक्त को मामले की जांच और कर्मचारियों की मिलीभगत का पता लगाने का आदेश दिया है।
दिल्ली की कंपनी कम्प्लीट सोलर सैल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड को नगर निगम के मैटेरियल एंड मैनेजमेंट डिपार्टमेंट की ओर से नौ दिसंबर को पत्र भेजा गया। इसमें कहा गया कि निगम के सेलर एक्जक्यूटिव एलडीसी आरके गुप्ता द्वारा कंपनी के सुनील कुमार सिंह से हुई वार्ता के क्रम में निगम के अस्पतालों में दो हजार लीटर क्षमता के सात सोलर वाटर हीटर लगाने के लिए चयन किया गया है। इसके पहले guptark.rkgupta@gmail.com से कंपनी को टेंडर भेजा गया।
बाद में गुप्ता एवं एसके सिंह नाम के व्यक्तियों ने मोबाइल नंबर 8543067398 एवं 7617809186 से कंपनी के निदेशक सुनील कुमार सिंह को फोन कर 22 दिसंबर को नगर निगम बुलाया। सुनील कंपनी के अभियंता सिद्धार्थ के साथ उस दिन पहुंचे तो एसके सिंह एवं आरके गुप्ता ने निगम के एकाउंट सेक्शन में उनसे मुलाकात की। यहां मात्र पांच मिनट की मुलाकात के बाद सुनील और सिद्धार्थ को सिविल लाइंस में काफी हाउस के सामने एक होटल में बुलाया गया। यहां टेंडर एमाउंट के रूप में 50 हजार रुपये नगद लिए। इसके एवज में 16575 रुपये की नगर निगम की लाल रंग की तीन रसीदें सुनील को दीं।
कंपनी के प्रतिनिधियों से कहा गया कि जल्द ही टेंडर जारी कर दिया जाएगा। आश्वासन के बाद प्रतिनिधि लौट गए। इसके बाद गुप्ता और सिंह उनसे फोन पर बात करते रहे। इस बीच फोन कर सुनील को पांच जनवरी को नगर निगम बुलाया गया। वह सिद्धार्थ के साथ यहां पहुंचे तो एकाउंट सेक्शन में मौजूद सिंह और गुप्ता उन्हें उसी होटल में ले गए। उनसे सिक्यूरिटी मनी के रूप में फिर दो लाख रुपये लिए और कहा कि कुछ देर इंतजार करें, नगर आयुक्त से इसकी रसीद लाकर देते हैं।
इसके बाद शाम चार बजे तक गुप्ता ने सुनील से कई बार फोन पर बात की। फिर मोबाइल बंद हो गया। अब तक सुनील और सिद्धार्थ को ठगे जाने का आभास हो चुका था। बुधवार को सुनील और सिद्धार्थ ने नगर निगम पहुंचकर कर्मचारियों को रसीद और टेंडर की प्रति दिखाई तो पता फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इसके बाद दोनों ने नगर निगम में महापौर अभिलाषा गुप्ता और अपर नगर आयुक्त डॉ.विपिन कुमार मिश्रा से मिलकर घटना के बारे में बताया। महापौर ने मामले की जांच का आदेश दिया है। बुधवार को नगर आयुक्त शहर के बाहर थे। उनके लौटने पर महापौर उनसे वार्ता करेंगी।
किसी समय नगर निगम के अपने अस्पताल हुआ करते थे लेकिन बरसों पहले उन्हें बंद कर दिया है। कटरा, अल्लापुर, मुट्टीगंज, खुल्दाबाद में अस्पताल बंद होने के बाद नगर निगम के जोनल कार्यालय बन गए। इसके अलावा निगम में मैटेरियल एंड मैनेजमेंट डिपार्टमेंट नाम का कोई विभाग भी नहीं है।
ठगे गए दिल्ली की कंपनी कम्प्लीट सोलर सैल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक सुनील कुमार सिंह एवं सिद्धार्थ ने बुधवार को होटल पहुंचकर सीसी टीवी कैमरे में पांच जनवरी को फुटेज निकलवाई है। श्री सिंह के मुताबिक फुटेज में उनसे रकम लेने वाला आरके गुप्ता नजर आ रहा है। अब वह उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने जा रहे हैं।