इलाहाबाद में ठंड और कोहरे का असर भले न हो लेकिन दिल्ली की ओर से आने वाली ट्रेनों पर इसका प्रभाव पड़ रहा है। नतीजा है कि ट्रेनों की लेटलतीफी कम होने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार को भी प्रयागराज समेत कई महत्वपूर्ण ट्रेनें दो से 10 घंटे तक देरी से जंक्शन पहुंची। इसकी वजह से यात्रियों को काफी दिक्कत हुई।
उत्तर भारत में कोहरे का कहर जारी है। इसका सीधा असर ट्रेनों के संचालन पर पड़ रहा है। सबसे ज्यादा असर दिल्ली रूट की ट्रेनों पर है। बुधवार को वीआईपी ट्रेन प्रयागराज सुबह तय समय से दो घंटे की देरी से जंक्शन पहुंची। अलीपुरद्वार-दिल्ली महानंदा एक्सप्रेस की स्थिति तो बेहद खराब रही। यह ट्रेन 10 घंटे की देरी से जंक्शन पहुंची।
दिल्ली-जयनगर स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस का भी कमोबेश यही हाल रहा। यह ट्रेन 9 घंटे 35 मिनट की देरी से जंक्शन पहुंची। दिल्ली जोगबनी सीमांचन एक्सप्रेस आठ घंटे तो दिल्ली गुवाहाटी नार्थईस्ट एक्सप्रेस भी छह घंटे की देरी से जंक्शन पहुंची। इसके अलावा कई ट्रेनें भी विलंबित रहीं। इसकी वजह से यात्रियों को काफी परेशानी हुई। आसपास के इलाकों, गांवों से जंक्शन पहुुंचे लोगों को ट्रेन के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
अलीपुरद्वार से दिल्ली के बीच चलने वाली महानंदा एक्सप्रेस सात और आठ जनवरी को इलाहाबाद नहीं आएगी। इसके अलावा रेलवे प्रशासन ने मुज्ज्फरपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस को दरभंगा तक बढ़ाने का निर्णय लिया है।
गाड़ी संख्या 15483 महानंदा एक्सप्रेस छह जनवरी को प्रारंभिक स्टेशन अलीपुरद्वार से निरस्त रही। इस वजह से यह ट्रेन बृहस्पतिवार को इलाहाबाद नहीं जाएगी। इसी तरह दिल्ली से चलने वाली गाड़ी संख्या 15484 महानंदा एक्सप्रेस आठ जनवरी को निरस्त रहेगी।
रेलवे प्रशासन ने गाड़ी संख्या 11061 लोकमान्य तिलक टर्मिनस से नौ जनवरी से दरभंगा तक तथा 11 जनवरी को गाड़ी संख्या 11062 दरभंगा से चलाने का निर्णय लिया है। गाड़ी संख्या 11061/11062 लोकमान्य तिलक से दरभंगा एक्सप्रेस गाड़ी संख्या 11066/11066 के समय एवं ठहराव पर दरभंगा तथा मुज्जफरपुर के मध्य चलेगी, जबकि 11061/11062 के मुज्जफरपुर एवं लोकमान्य तिलक के बीच समय एवं ठहराव में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
प्रयाग स्टेशन से चलने वाली प्रयाग-जौनपुर पैसेंजर गाड़ी का संचालन बृहस्पतिवार से फिर शुरू होने जा रहा है। रेलवे प्रशासन ने इस ट्रेन को छह दिसंबर से पांच फरवरी तक निरस्त कर दिया था। यह ट्रेन सुबह 6.35 बजे प्रयाग से रवाना होती और रात में 8.55 बजे वापस आती है। प्रयाग स्टेशन के एसएस पीके मणि त्रिपाठी ने बताया कि रैक की व्यवस्था होने के कारण ट्रेन को चलाने का फैसला किया गया है।