एडीए के दस्ते द्वारा सोमवार को मंदिर तोड़ने पर हुए बवाल के बाद फाफामऊ और शांतिपुरम कॉलोनी में तैनात आरएएफ बुधवार को हटा दी गई। अब वहां पुलिस और पीएसी की तैनाती है। अधिकारियों से पुलिस ज्यादती की तमाम शिकायत के बावजूद इस मामले में गिरफ्तारी के लिए पुलिस की लगातार छापेमारी से शांतिपुरम कॉलोनी के तमाम पुरुष घर से भागे हुए हैं। उनके परिजनों का कहना है कि पुलिस नाहक रात में छापेमारी कर रही है। बुधवार को कमिश्नर कार्यालय में फूलपुर के सांसद और एडीए के अफसरों की बैठक में शांतिपुरम में दूसरी जगह पर मंदिर बनाने पर सहमति बनी। रात में सांसद ने शांतिपुरम जाकर कई जमीन भी देखी जहां मंदिर बनाया जा सकता है।
शांतिपुरम कॉलोनी में सोमवार की घटना तूल पकड़ चुकी है। मंदिर तोड़ने पर हुए उत्पात और गिरफ्तारी की भाजपा और विहिप नेताओं ने अन्याय करार देते हुए कमिश्नर तथा एडीए उपाध्यक्ष से कार्रवाई की मांग की। डीएम ने इस मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस इस घटना में एफआईआर लिखकर आठ लोगों को जेल भेज चुकी है। अफसरों ने आश्वासन दिया था कि फर्जी गिरफ्तारी नहीं होगी लेकिन शांतिपुरम कॉलोनी के लोगों का आरोप है कि पुलिस आधी रात बाद घरों में दबिश दे रही है। दरवाजे तोड़ने की कोशिश हो रही है। इस वजह से सेक्टर ई के दो दर्जन से ज्यादा परिवारों के पुरुष घर छोड़कर हटे हुए हैं।
एक डॉक्टर की भी गिरफ्तारी से लोगों में पुलिस-प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश है। इस बीच इलाके में माहौल सामान्य होने पर बुधवार को आरएएफ को हटाकर पीएसी-पुलिस की टुकड़ियों को जगह-जगह तैनात कर दिया गया। बुधवार को एडीए के दस्ते ने शांतिपुरम कॉलोनी में उस धर्मस्थल की नापजोख की, जिसे लोगों ने सरकारी जमीन पर होने की बात कहकर हटाने के लिए कहा था। शाम को सांसद फूलपुर केशवप्रसाद मौर्या कमिश्नर कार्यालय पहुंचे जहां एडीए के अफसरों के साथ उनकी बैठक में तय हुआ कि शांतिपुरम में दूसरी जमीन देख ली जाए जहां एडीए की तरफ से नापजोख के बाद मंदिर बनाई जा सकती है। रात में सांसद ने विहिप और बजरंग दल के पदाधिकारियों तथा स्थानीय लोगों के साथ शांतिपुरम में मंदिर के लिए कई जगह देखी। जमीन के बारे में गुरुवार को एडीए की टीम के आने पर फैसला होगा।
फूलपुर के भाजपा सांसद केशव प्रसाद मौर्या ने बुधवार को नैनी सेंट्रल जेल में बंद शांतिपुरम बवाल के आठ आरोपियों से मुलाकात की। उन्हें भरोसा दिया कि पुलिस-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर फर्जी मुकदमा खत्म करने की बात की गई है।
शांतिपुरम के बवाल में पुलिस की मनमानी सामने आई है। आरोप है कि सोरांव थाने की पुलिस ने इस घटना में नंद स्वीट हाउस के मालिक अशोक यादव को भी नामजद किया है जो घटना वाले दिन से ही निजी हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती है।