पीवीआर (विनायक सिटी सेंटर) के बाहर शुक्रवार शाम जरा सी बात पर खासा बखेड़ा हो गया। बाइक से हल्की सी टक्कर पर कार सवार युवक इस कदर बौखलाए कि बहन और भांजे को घुमाने लाए युवक की पिटाई कर दी। बचाने की कोशिश पर बहन को भी सरेआम पीटा और खींचा गया। भीड़ लगी और पुलिस पहुंची मगर गुंडई करने वाले युवकों को पकड़ा नहीं गया। मारपीट देखकर युवक का भांजा रोने लगा था। भाई-बहन ने थाने जाकर शिकायत की तो हमलावर लड़कों को लाया गया लेकिन एक प्रभावशाली शख्स का फोन आने पर पुलिस ने सुलह कराकर छोड़ दिया।
करेली इलाके के सुल्तानपुर भावा मुहल्ले में रहने वाले अश्विनी कुमार शुक्रवार शाम बहन और भांजे को लेकर सिविल लाइंस गया था। पीवीआर के सामने उसकी बाइक से कार में हल्की टक्कर लग गई। इस पर कार में बैठे युवकों ने पहले तो अश्विनी को अपशब्द कहे। विरोध जताने पर कार से निकलकर चार युवकों ने उसकी पिटाई शुरू कर दी।
सड़क पर मारपीट होने पर वहां जाम लग गया। अश्विनी की बहन ने बीच-बचाव की कोशिश की तो बेलगाम युवकों ने उस पर भी हाथ छोड़ा और खींचतान की। इस पर घबराकर अश्विनी का भांजा रोने लगा। भीड़ जुटने पर दो सिपाही वहां आए मगर वे तमाशा देखते रहे। यहां से अश्विनी ने सिविल लाइंस थाने जाकर पुलिस को बताया।
पुलिस को पता चला कि हमलावरों मेें एक विनायक सिटी सेंटर में काम करता है। पुलिस के बुलाने पर वह साथियों संग आया लेकिन इसी बीच एक सपा नेता का फोन आने पर पुलिस का रुख ही बदल गया। पुलिस ने सरेराह गुंडागर्डी करने वाले बेलगाम युवकों के खिलाफ मुकदमा लिखने की बजाय दबाव डालकर दोनों पक्षों में सुलह करा दी।