फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेकाबू बस ने ली वकील की जान, दो घंटे चक्काजाम

Wed, 30 Dec 2015 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
 बैंक से घर लौट रहे बाइक सवार वकील दीपक यादव को रीवा रोड पर मामा भांजा चौराहे के निकट बस ने कुचल दिया। वकील की मौत के बाद भाग रही बस को दो सिपाहियों ने पीछाकर घूरपुर थाने के पास रोक लिया। ड्राइवर को हिरासत में लेकर बस को थाने में सीज कर दिया गया। दुर्घटना से नाराज परिजनों और स्थानीय लोगों ने शव को सड़क  पर रखकर चक्काजाम कर दिया। मौके पर पहुंचे पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने हंगामा कर रहे आक्रोशित लोगों को किसी तरह मनाया और शव को सीलकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। ड्राइवर के खिलाफ केस लिखा गया है।
विज्ञापन


नैनी में बसवार गांव निवासी रामचंद्र यादव के तीन बेटों में दीपक यादव (26) मंझला था। वह करछना तहसील में वकालत करता था जबकि बाकी दो बेटे दूध का व्यवसाय करते हैं। साल भर पहले उसका ब्याह नीबी गांव में किया गया था। उसकी पत्नी अब सात महीने की गर्भवती है। बुधवार सुबह दीपक मामा-भांजा चौराहा स्थित बैंक में नगदी जमा करने गया था। बैंक से वह बाइक पर घर लौट रहा था तभी पीछे से तेज रफ्तार में आ रही निजी बस ने टक्कर मार दी।

दीपक गिरा तो बस ने उसे कुचल दिया। पुलिस चौकी पर तैनात दो सिपाहियों ने देखा तो बस का पीछा कर लिया। सिपाहियों ने बस को घूरपुर थाने के पास रोक लिया। ड्राइवर को हिरासत में लेकर बस को थाने में खड़ा करा दिया। खबर पाकर दीपक के परिवार के लोग रोते-कलपते वहां पहुंच गए। गांव के भी तमाम लोग पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने शव के पास एकत्र होकर रीवा रोड पर जाम लगा दिया। जाम और हंगामा की जानकारी पाकर एसपी यमुनापार आशुतोष मिश्र एसडीएम बारा सुशीला और कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ वहां पहुंच गए।
विज्ञापन


 करीब दो घंटे बाद एसपी और एसडीएम से सरकारी मदद का भरोसा मिलने पर लोग शांत हुए तो पुलिस ने दीपक का शव सीकर पोस्टमार्टम हाऊस भेजा। दीपक की मौत से परिवार के लोग गम में डूबे हैं तो उसकी नव ब्याहता पत्नी पर तो मानो मुसीबतों का पहाड़ ही टूट पड़ा है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें