धूमनगंज के मरियाडीह गांव में तीन महीने पहले हुए दोहरे हत्याकांड के सभी सात आरोपियों को भगोड़ा अपराधी घोषित करते हुए उनकी गिरफ्तारी पर ईनाम घोषित कर दिया गया है। एसएसपी ने सोमवार को इन सभी की गिरफ्तारी पर नगद पुरस्कार की घोषणा जारी कर दी। तीन माह बाद भी धूमनगंज थाने की पुलिस एक भी आरोपी को पकड़ नहीं सकी है। पिछले हफ्ते अदालत के आदेश पर उन सभी के घरों की कुर्की हो चुकी है।
एसएसपी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपियों में उमरी गांव के साबिर, बेली गांव के कम्मू, जाबिर तथा चक मीरा पट्टी के तौसीफ पर पांच-पांच हजार रुपये तथा मकसूद अहमद, इंतेखाब आलम और वसी अहमद पर ढाई-ढाई हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया गया है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि ईनाम घोषित पर होने पर दूसरे थानों की पुलिस भी इन आरोपियों का सुराग मिलने पर गिरफ्तारी का प्रयास करेगी।
25 सितंबर की रात मरियाडीह गांव में प्रधान आबिद की फारच्यूनर पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर उनकी चचेरी बहन अल्कमा तथा ड्राइवर सुरजीत उर्फ पप्पू को गोलियों से छलनी कर दिया गया था। उस घटना में नामजद सात में एक भी आरोपी को धूमनगंज थाने की पुलिस पकड़ नहीं सकी है।